बिलासपुर। बरमाणा में भानुपल्ली लेह रेलवे लाइन के तहत कॉरपोरेट के लिए बनने जा रहे जंक्शन का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि यात्री जंक्शन से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। एसीसी कंपनी ने ट्रैक को लोगों के घरों को उजाड़ते हुए डिजाइन करवाया है। साथ ही कंपनी अपनी रेजिडेंशियल कॉलोनी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बचा रही है। लोगों को बेघर व भूमिहीन भी नहीं होना पड़ेगा।
भानुपल्ली बरमाणा रेलवे विस्थापित समिति के प्रधान बलराम शर्मा ने कहा कि यह ट्रैक मात्र कंपनी के फायदे के लिए है। इस ट्रैक में सिर्फ एसीसी कंपनी का हित है और राष्ट्र हित वाली कोई भी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अधिग्रहण ही करना है तो हमारी बंजर जमीनों का किया जाए।
अन्यथा इस ट्रैक को सीधे सीधे कंपनी परिसर में से ले जाये जाये और लोगों को तीसरी बार बेघर व भूमिहीन होने से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी हमारी मांगों को मानती है तभी हम अपनी जमीनें देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जमीनों को भू अधिग्रहण नियम के अंतर्गत लिया जाए। वहीं सर्कल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाए।
कंपनी द्वारा 50 विस्तर क्षमता वाला एक अस्पताल बनाया जाए जिसमें ट्रामा सेंटर की भी सुविधा हो और हर समय किसी स्पेशलिस्ट डॉक्टर की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विस्थपित परिवारों के लिये इस अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा रहे। बरमाणा में किसी तकनीकी संस्थान की स्थापना की जाए। ताकि हमारे बच्चों को घर द्वार पर ही तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सके।
वहीं जहां -2 जरूरत हो वहां रोड ओवर ब्रिजेस/ अंडर पास बनाए जाएं और लोगों को रोड कनेक्टिविटी पर्याप्त ढंग से मुहैया करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सीमेंट क्लिंकर व कोयले की लोडिग व अनलोडिंग होगी और बहुत ही ज्यादा प्रदूषण फैलेगा। इसलिए वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण को कम से कम करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि विस्थपित परिवारों के लिए उचित पीने के पानी, ड्रेनेज, सीवरेज सुविधा, स्ट्रीट लाइट, एचटी इलेक्ट्रिक केबल की सुविधा मुहैया करवाई जाए। स्वरोजगार के लिए लघु उद्योग स्थापित किए जाएं। ट्रैक के साथ लगने वाली जो भी जमीनें बच रही हैं उन्हें एसीसी या फिर रेलवे विभाग एक्वायर करे।
उन्होंने मांग की है कि यदि एसीसी कंपनी व रेलवे विभाग इन मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है और लिखित में हामी देने को तैयार है, तभी वे अपनी जमीनें देने को तैयार हैं। अन्यथा रेलवे विभाग इस जंक्शन के लिए ट्रैक एसीसी कंपनी परिसर में से ले जा सकता है।