2023 आपदा में ढहे डंगे के बाद अब डीपीआर तैयार करने की तैयारी
हरलोग बाजार को स्थायी सुरक्षा देने के लिए आधुनिक प्रोटेक्शन सिस्टम प्रस्तावित
जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर बनेगी नई डीपीआर
पहले एक करोड़ की योजना थी, अब बड़े स्तर पर होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वर्ष 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पनोह-हरलोग-समैला सड़क को अब बड़े स्तर पर सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। आपदा के दौरान हरलोग बाजार के नीचे बना डंगा पूरी तरह ढह गया था, जिससे सड़क के साथ बाजार पर भी खतरा पैदा हो गया था। अब लोक निर्माण विभाग इस सड़क के लिए विस्तृत और स्थायी सुरक्षा योजना तैयार कर रहा है।
जानकारी के अनुसार पहले इस सड़क के लिए करीब एक करोड़ रुपये की डीपीआर प्रस्तावित थी, लेकिन अब फ्रांस समर्थित एएफडी फंडिंग की संभावना को देखते हुए विभाग ने परियोजना का दायरा बढ़ा दिया है। विभाग का मानना है कि केवल साधारण डंगा निर्माण से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, इसलिए पूरे हरलोग बाजार को सुरक्षित करने के लिए बड़े स्तर का प्रोटेक्शन सिस्टम तैयार किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग झंडूता के अधिशासी अभियंता रोहित गुप्ता ने बताया कि प्रदेश स्तर पर केवल तीन डीपीआर एएफडी फंडिंग के लिए प्रस्तावित हैं, जिनमें पनोह-हरलोग-समैला सड़क भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले जो एक करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई जा रही थी, उसे फिलहाल रोक दिया गया है ताकि अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत परियोजना तैयार की जा सके। बताया कि नई डीपीआर की लागत लगभग पांच से छह करोड़ रुपये या उससे अधिक हो सकती है। इसके लिए क्षेत्र की विस्तृत तकनीकी जांच करवाई जा रही है। जियोलॉजिस्ट की टीम ने भी क्षेत्र का निरीक्षण किया है और उनकी सिफारिशों को परियोजना में शामिल किया जा रहा है। कहा कि पहले कई बार बिना पूरी तकनीकी जांच के अनुमान तैयार कर दिए जाते थे, जिससे बाद में दिक्कतें सामने आती थीं। इस बार विभाग पहले भूगर्भीय परीक्षण, तकनीकी अध्ययन और वास्तविक जरूरतों का आकलन कर रहा है, ताकि भविष्य में सड़क और हरलोग बाजार दोनों को स्थायी सुरक्षा मिल सके। कहा कि यदि एएफडी के माध्यम से फंडिंग स्वीकृत हो जाती है तो क्षेत्र में आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल सड़क को मजबूती मिलेगी, बल्कि भविष्य में भूस्खलन और आपदा से होने वाले नुकसान को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।