ग्रामीणों ने वन विभाग से लगाई तेंदुए को पकड़ने की गुहार, दिन में दिखाई देने से बढ़ी चिंता
बरसात में खेतों और जंगल की ओर जाने से कतरा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बैहना ब्राह्मणा के कोटलू और टिकरी गांव में तेंदुए की लगातार दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इलाके में तेंदुए के दिन के समय भी दिखाई देने से लोगों में भय बढ़ गया है। हालात यह हैं कि महिलाएं पशुओं के लिए घास लाने और ग्रामीण खेतों में कृषि कार्य करने जाने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों में किरण, अंजना, रंजू, मंजू, देवराज और अमर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेंदुए को गांव के आसपास घूमते देखा गया है। बरसात के मौसम में झाड़ियों की अधिकता के कारण तेंदुए के छिपे रहने की आशंका बनी रहती है, जिससे खेतों में काम करने और जंगल की ओर जाने में हर समय डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को शीघ्र प्रभावी कदम उठाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि कोटलू और टिकरी गांव वन परिक्षेत्र अधिकारी झंडूता के कार्यालय से अधिक दूर नहीं हैं, बावजूद इसके अभी तक तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
जल्द लगाया जाएगा पिंजरा
उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी झंडूता अशोक कुमार ने बताया कि विभाग को गांव में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली है। तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द ही पिंजरा लगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में झाड़ियों वाले क्षेत्रों में अकेले न जाएं, घरों के बाहर रोशनी की व्यवस्था रखें और खेतों या जंगल की ओर जाते समय समूह में जाएं और शोर करते रहें। उन्होंने कहा कि विभाग लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।