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Bilaspur News: घुमारवीं अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बंद, सिलिंडरों के भरोसे इमरजेंसी

Thu, 24 Sep 2026 01:44 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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रूप लाल शर्मा
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ग्राउंड रिपोर्ट
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कोरोना काल में 140-140 एलपीएम क्षमता के लगाए गए थे दो पीएसए संयंत्र
नागरिक अस्पताल के 60 बिस्तरों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की थी क्षमता
दोनों संयंत्र कुछ दिनों से बंद, तकनीकी खराबी बताई जा रही वजह

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। । कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए सिविल अस्पताल घुमारवीं में लगाए गए दो ऑक्सीजन संयंत्र इन दिनों बंद पड़े हैं। अस्पताल में स्थापित 140-140 एलपीएम क्षमता वाले दोनों पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र पिछले कुछ दिनों से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की अपनी ऑक्सीजन उत्पादन व्यवस्था ठप है और फिलहाल मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिए सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पताल में दोनों पीएसए संयंत्र स्थापित किए गए थे। प्रत्येक संयंत्र से करीब 30 बिस्तरों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। दोनों संयंत्र चालू रहने पर करीब 60 बिस्तरों तक ऑक्सीजन आपूर्ति करने की क्षमता अस्पताल के पास थी। इनका उद्देश्य अस्पताल परिसर में ही ऑक्सीजन तैयार कर मरीजों तक सीधे पहुंचाना था। ग्राउंड स्थिति में दोनों संयंत्र बंद हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार तकनीकी खराबी के कारण इन्हें चलाने में दिक्कत आ रही है। इन्हें दुरुस्त करने के लिए संबंधित इंजीनियरों को बुलाया गया है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में फिलहाल पर्याप्त संख्या में भरे हुए सिलिंडर उपलब्ध हैं और मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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हालांकि, यदि संयंत्र लंबे समय तक बंद रहते हैं तो अस्पताल की अपनी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। गंभीर मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने या एक साथ कई मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर सिलिंडरों पर निर्भरता बढ़ जाएगी। ऐसे में अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों को जल्द चालू करना जरूरी माना जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत के बीच अस्पताल में दोनों पीएसए संयंत्र स्थापित किए गए थे। उस समय इनसे अस्पताल की ऑक्सीजन जरूरत पूरी करने के साथ आपात स्थिति में व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद थी। अब दोनों संयंत्रों के एक साथ बंद होने से इनके नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सिलिंडर फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर उपलब्ध हैं, लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन की अपनी व्यवस्था का चालू रहना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आपात स्थिति में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है।

इनसेट
अस्पताल में ऑक्सीजन संयंत्र आपात स्थिति को ध्यान में रखकर लगाए गए थे। अगर ये खराब हैं तो इन्हें जल्द ठीक करवाया जाना चाहिए। सिलिंडर उपलब्ध होना अच्छी बात है, लेकिन अस्पताल की स्थायी ऑक्सीजन व्यवस्था भी चालू रहना जरूरी है। - रामलाल शर्मा, वरिष्ठ नागरिक
इनसेट
गंभीर मरीज के लिए ऑक्सीजन सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक होती है। अस्पताल में संयंत्र लगे हैं तो उनके खराब रहने पर मरीजों और तीमारदारों को चिंता होना स्वाभाविक है। प्रबंधन को इनकी मरम्मत जल्द करवानी चाहिए। - बंसी चौहान, तीमारदार

इनसेट
कोरोना के समय ऑक्सीजन की कमी की स्थिति सभी ने देखी है। ऐसे में अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्रों का बंद रहना गंभीर विषय है। अगर फिलहाल सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक है तो भी संयंत्रों को जल्द चालू करवाकर वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। - रूप लाल शर्मा, प्रधान, वरिष्ठ नागरिक सभा
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कोट
खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपम शर्मा ने बताया कि दोनों ऑक्सीजन संयंत्र तकनीकी कारणों से खराब हुए हैं। इन्हें ठीक करने के लिए संबंधित इंजीनियरों को बुलाया गया है। जल्द ही दोनों संयंत्रों को दुरुस्त करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध हैं और आपात स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की पूरी व्यवस्था है।

रूप लाल शर्मा

रूप लाल शर्मा

रूप लाल शर्मा

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