भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति ने निगम को दो टूक चेतावनी देते हुए चेताया है कि यदि जिला बिलासपुर के ऑपरेटरों की रोजी-रोटी के साथ निगम ने कोई छेड़छाड़ की तो आगामी दिनों में निगम को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसकी सारी जिम्मेवारी निगम और जिला प्रशासन की होगी।
इस बारे में संघर्ष समिति की बैठक शुक्रवार को बरमाणा में हुई। बैठक में निगम की ओर से निकाली जा रही गाड़ियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी ऑपरेटरों ने निगम की ओर से बरती जा रही अनियमितताओं पर गहरा रोष प्रकट किया। समिति का कहना है कि एक ओर तो निगम अपने 40 प्रतिशत कोटे के हिसाब से नई गाड़ियां सीमेंट ढुलाई के लिए लगाई जा रही हैं।
वहीं, निगम फैक्ट्री सही अनुपात में डिमांड लाने में असमर्थ हो रही है। समिति का आरोप है कि फैक्ट्री के अधिकारी के साथ निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से ऑपरेटरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। निगम के कर्मचारी अपने वेतन तक सीमित रहकर ऑपरेटरों से हो रहे आर्थिक नुकसान का तमाशा देख रहे हैं।
फैक्ट्री के डंपों पर 5-5 दिन से गाड़ियां नहीं उतर रही हैं और निगम के कर्मचारी फैक्ट्री के अधिकारियों के साथ निजी हित साधने में लगे हैं। कम डिमांड के बावजूद लगातार जाम की स्थिति रहती है जिससे चालकों और ऑपरेटरों को लगातार नुकसान हो रहा है। इस नुकसान के बाद भी निगम नई गाड़ियां लगाने से बाज नहीं आ रही है।
एक तरफ एसीसी अप्रैल से प्लांट बंद करने के पत्र भेज रही है। दूसरी ओर, निगम जानबूझकर लोगों को कर्जे के बोझ तले दबाने पर तुला है। समिति के सभी सदस्यों का कहना है कि इस तनावपूर्ण स्थिति में ऑपरेटर कोई भी कदम उठाने को मजबूर होंगे।
बैठक में समिति के संयोजक तिलकराज ठाकुर, प्रधान अमर सिंह, उपप्रधान राकेश चंदेल, महासचिव महेंद्र सिंह, चेतराम शर्मा, रणजीत ठाकुर, रूपलाल ठाकुर, गणपत राम, सीता राम, ओमप्रकाश, नईम मोहम्मद, प्रभात चंदेल, कश्मीर सिंह, रणवीर चंदेल, राजेश, सुभाष, रविंद्र, सुखराम और सुभाष चंदेल उपस्थित रहे।