संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में आंतरिक चिकित्सा विभाग छह संकाय सदस्यों जिनमें दो एसोसिएट प्रोफेसर, चार सहायक प्रोफेसर, तीन वरिष्ठ रेजिडेंट, पांच जूनियर रेजिडेंट और नर्सिंग अधिकारियों की ओर से चलाया जा रहा है।
एम्स की लोक संपर्क अधिकारी डॉक्टर रूपाली ने बताया कि शीघ्र एम्स में आईपीडी आंतरिक चिकित्सा विभाग मरीजों को दाखिल कर रोगी सेवाएं भी प्रदान करना शुरू कर देगा। गंभीर बीमारियों के रोगियों के लिए आईसीयू सेवाएं प्रदान करने की भी योजना बनाई जा रही हैं।
विभाग ने दिसंबर 2021 से ओपीडी शुरू कर दी है और प्रतिदिन 100-120 रोगियों को परामर्श दिया जा रहा है। डे केयर सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। टेली मेडिसिन सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में भी विभाग सबसे आगे है।
मई 2021 से ई.संजीवनी और ग्लो हील के मंच के माध्यम से टेली कंसल्टेशन प्रदान की जा रही है जिसके माध्यम से प्रतिदिन 35-45 रोगियों को परामर्श दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग अपने विशेष क्लीनिक भी चलाएगा। इसमें जीवन शैली से संबंधित बीमारियों, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों और रुमेटी विकारों से पीड़ित रोगियों का इलाज देखभाल के मौजूदा मानकों के मुताबिक किया जाएगा।
वहीं, सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। कहा कि विभाग भविष्य में रेजिडेंसी और फेलोशिप कार्यक्रमों के माध्यम से अगली पीढ़ी के डॉक्टरों को स्वास्थ्य देखभाल में प्रशिक्षित करके अपने मजबूत शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाएगा।