बिलासपुर के मंगरोट में बाधित किया गया हाईवे। संवाद
राजनकांत ने शिमला-धर्मशाला हाईवे की एक लेन पर शनिवार को फिर रखे पत्थर और झाड़ियां
वाहन चालक दिनभर रहे परेशान, शुक्रवार को बाधित की थी हाईवे की एक लेन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल सदर के मंगरोट गांव में धर्मशाला-शिमला हाईवे की एक लेन शनिवार को भी पूरा दिन बाधित रही। दिनभर वाहन चालक परेशान होते रहे, लेकिन न तो कोई विभागीय अधिकारी और न ही कोई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचा।
स्थानीय निवासी राजनकांत ने शनिवार सुबह पत्थर और झाड़ियां रखकर हाईवे की एक लेन को बाधित कर दिया। करीब 100 मीटर लंबी हाईवे की एक लेन बाधित होने से वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। कई बार जाम की स्थिति भी बन गई। राजनकांत ने शुक्रवार को भी हाईवे की एक लेन बाधित कर दी थी। हालांकि शाम को सदर थाना से पुलिस कर्मियों ने पहुंच कर हाईवे की लेन पर रखीं झाड़ियां और पत्थर को हटा दिया था, लेकिन शनिवार को शाम 7:00 बजे तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। मार्च में प्रशासन की ओर से कराई गई निशानदेही में धर्मशाला-शिमला हाईवे 17 बिस्वा निजी भूमि में पाया गया है। यह निजी भूमि हाईवे को बाधित करने वाले राजनकांत की मां के नाम पर है। राजनकांत अब अपनी भूमि को वापस मांग रहा है। मंगरोट हाईवे विवाद तीन साल से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं हुआ है। राजनकांत बार-बार हाईवे को बाधित करता है। हालांकि प्रशासन की ओर से राजनकांत पर एफआईआर तक कराई जा चुकी है। दिसंबर 2022 में उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगरोट में हाईवे के किनारे से राजन कांत शर्मा के खोखे को हटाया गया था। यह विवाद इसके बाद से ही शुरू हुआ था।