लुहणू क्षेत्र से गाद हटाने का टेंडर तैयार, पॉलिसी न बनने से अटका प्रोजेक्ट
झील की क्षमता बढ़ने से पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
गाद निकासी से झील की क्षमता और जल-स्तर में आएगा सुधार
धमेंद्र सिंह बोज्ञाटो
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में लगातार बढ़ रही गाद लंबे समय से पर्यटन विकास, वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों और झील की जल-धारण क्षमता के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। स्थिति यह है कि गाद भराव के कारण झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां केवल तीन से चार महीने ही संचालित हो पाती हैं, जिससे पर्यटन व्यवसाय प्रभावित होता है और स्थानीय लोगों को पूरे वर्ष रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता। लेकिन अब जल्द ही इसका समाधान होगा और यहां 12 माह गतिविधियां होंगी।
बीबीएमबी ने लुहणू क्षेत्र से गाद निकालने के लिए पूरा तकनीकी व आर्थिक प्रस्ताव तैयार कर एक साल पहले ही टेंडर फाइनल कर दिया था। लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से गाद निकासी संबंधी स्पष्ट पॉलिसी न होने की वजह से टेंडर को अब तक जारी नहीं किया जा सका। पॉलिसी ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। जानकारी के अनुसार बीबीएमबी की ओर से टेंडर तैयार कर दिए जाने के बाद इसे शीघ्र लागू करने की उम्मीद थी, लेकिन सरकारी पॉलिसी न बनने के कारण फाइल पिछले एक साल से लंबित पड़ी है। इस देरी के चलते गाद निकासी का कार्य समय पर शुरू नहीं हो पाया । विशेषज्ञों के अनुसार यदि लुहणू क्षेत्र से गाद निकासी शुरू होती है, तो झील की गहराई और चौड़ाई में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल झील की जल भंडारण क्षमता सुधरेगी बल्कि पूरे 12 महीने वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को चलाना संभव हो सकेगा। इससे साहसिक खेल गतिविधियां, बोटिंग, कायाकिंग, जेट-स्की और अन्य आकर्षणों को बढ़ावा मिलेगा। परिणामस्वरूप क्षेत्र में पर्यटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलेगा। नौकरी के अवसर बढ़ने से युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा।
बताते चलें कि हाल ही में बीबीएमबी ने टेक्निकल कोआर्डिनेशन मीटिंग (टीसीएम) आयोजित की, जिसमें गाद निकासी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राज्य सरकार के अधिकारियों ने बीबीएमबी को पूरी फाइल तैयार कर भेजने को कहा है, ताकि इसे मंजूरी प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा सके। यदि सरकार जल्द पॉलिसी को अंतिम रूप दे देती है, तो बीबीएमबी कुछ ही समय में टेंडर जारी कर सकता है और गाद निकासी कार्य शुरू हो जाएगा। इससे लुहणू क्षेत्र का बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट लंबे इंतजार के बाद गति पकड़ सकता है। संवाद