शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के कतार में खड़े श्रद्धालु। संवाद
उत्तर भारत से आए करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में नवाया शीश
सुबह 5:00 बजे से कतारें लगना हो गई थीं शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। शाहतलाई स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बालक नाथ मंदिर में सावन के जेठे रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तड़के 5:00 बजे से ही उत्तर भारत के कई प्रदेशों के आए श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन के लिए मंदिर की कतारों में लगना शुरू कर दिया। एक अनुमान के अनुसार रविवार को करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका और अपनी श्रद्धा अर्पित की।
शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर के साथ गरुणा झाड़ी और माता रत्नों लस्सी रोटी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर न्यास की ओर से 24 घंटे लंगर की व्यवस्था की गई, जिसमें भक्तों को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया। खासकर पंजाब और हरियाणा से आए श्रद्धालुओं ने ठंडे पानी की छबील और खीर के भंडारे लगाए। मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने के लिए जगह-जगह सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास के अधिकारियों ने बताया कि सावन मास के जेठे रविवार को भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया। मंदिर के पुजारी राकेश ने बताया कि सावन महीने के जेठे रविवार के दिन बाबा बालक नाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचे। शाहतलाई के इस पवित्र तीर्थ स्थल पर बाबा बालक नाथ को भगवान शिव का अंश अवतार माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा जी के दर्शन करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन के इस पावन अवसर पर बाबा के दरबार में उमड़ी भक्तों की भीड़ ने एक बार फिर इस तीर्थ स्थल की महिमा को और बढ़ा दिया।