-दो बार ओलंपिक में किया है भारत का प्रतिनिधित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के बैहरन गांव के ओलंपियन जिम्नास्टिक अनंत राम को हिमाचल और पंजाब जिम्नास्टिक एसोसिएशन और भारतीय सेना की एएसपीटी शाखा की ओर से सम्मानित किया। हिमाचल जिम्नास्टिक एसोसिएशन की ओर से उन्हें 11 हजार की राशि भेंट की गई।
इस अवसर पर 92 वर्षीय अनंत राम ने कहा कि 60 वर्ष पहले जब वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए तो उनका सपना था कि प्रदेश में जिम्नास्टिक की एक नई पौध तैयार की जाए, लेकिन किसी भी सरकार ने उनका सहयोग नहीं किया। हालांकि शुरू में उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित किया गया था और सहयोग करने का भरोसा भी दिया था, लेकिन बाद में आश्वासन ही रह गया। उन्हें इस बात का मलाल है कि उनके अनुभव का सरकार दोहन नहीं कर पाई, जबकि उन्होंने कई बार सरकार के समक्ष प्रस्ताव रख कर प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा उनको हमेशा सम्मानित किया, लेकिन प्रदेश सरकार की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई। इस अवसर पर पंजाब जिम्नास्टिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष कर्नल जोगेंद्र सिंह ने कहा कि हमने इस खेल के बारे में जो कुछ सीखा है वह अनंत राम से सीखा है। इस खेल के पुरुष वर्ग में अभी तक कोई ओलंपिक में पदक नहीं आया है, जबकि महिला वर्ग में दो पदक आए हैं। इस अवसर पर दोनों एसोसिएशन ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की। बता दें कि अनंत राम ने जिम्नास्टिक में भारत का दो बार प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक खेलों में भाग लिया है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट कर्नल कृपाल सिंह डोगरा, लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह भुम्मन और ओम प्रकाश रणौत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।