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Bilaspur News: औहर पंचायत के उपप्रधान को जिला पंचायत अधिकारी ने किया तलब

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मकान गिराने की पुष्टि को लेकर उठे हैं सवाल, 30 जून को होगी व्यक्तिगत सुनवाई
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में अधिग्रहीत मकान मुआवजे का है मामला

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर से संबंधित एक मामले में जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर ने उपप्रधान को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई मदन लाल की ओर से की गई शिकायत के बाद की गई है। शिकायत है कि उपप्रधान ने पंचायत क्षेत्र से बाहर जाकर ग्राम पंचायत बकरोआ की एक महिला के मकान के मामले में एनएचएआई को गलत जानकारी दी है।
शिकायत में कहा गया है कि उपप्रधान ने बकरोआ के उस मकान को लेकर झूठी पुष्टि की है, जिसे एनएचएआई की ओर से अधिग्रहित किया जाना था। मामले में खंड विकास अधिकारी घुमारवीं के माध्यम से प्राप्त शिकायत को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत अधिकारी ने 6 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 20 जून को प्राप्त हुआ। अब जिला पंचायत अधिकारी ने उपप्रधान को 30 जून को सुबह 11 बजे कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि को उपस्थित न होने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी मामले में शिकायतकर्ता मदन लाल को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है। नोटिस की प्रतिलिपि निदेशक पंचायतीराज विभाग, खंड विकास अधिकारी घुमारवीं और शिकायतकर्ता को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
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शिकायतकर्ता मदन लाल शर्मा ने बताया कि यह केवल एक पंचायत में नहीं हुआ है, कुछ और जगह भी इस तरह के मामले हुए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने घरों को गिराने की पुष्टि की रिपोर्ट तो दे दी, लेकिन वो मकान मौके पर ही खड़े हैं। जबकि इनके लिए डेढ़ करोड़ के करीब मुआवजा आवंटन हुआ है, जोकि सरकारी धन का दुरुपयोग है। कहा कि वो अन्य मामलों की कार्रवाई को लेकर भी पत्राचार कर रहे हैं।
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