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Bilaspur News: पंजगाईं स्कूल में सीबीएसई पैटर्न लागू न करने पर प्रधानाचार्य को नोटिस

Wed, 03 Jun 2026 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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पंचायत प्रतिनिधियों के डीसी से मिलने के बाद शिक्षा विभाग सख्त
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प्रधानाचार्य को आज 11 बजे तक देना होगा जवाब

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं में सीबीएसई पैटर्न लागू करने के निर्देशों की अनदेखी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपने के एक दिन बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
उप निदेशक उच्च शिक्षा (सेकेंडरी) बिलासपुर की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश के 23 अप्रैल 2026 के आदेशों के तहत स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बाल वाटिका से लेकर 12वीं तक सीबीएसई नियमों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद विद्यालय में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीबीओएसई) पैटर्न के तहत प्रवेश जारी रखे गए। विभाग के अनुसार स्कूल में एचपीबीओएसई पैटर्न के तहत कक्षा छठी से 12वीं तक कुल 298 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि सीबीएसई पैटर्न में केवल नौवीं कक्षा के पांच विद्यार्थियों का ही नामांकन दर्ज है।
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नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मंगलवार को ग्राम पंचायत पंजगाईं, धौण कोठी, धार-टटोह के प्रधान, उपप्रधान और पूर्व प्रधान सहित अन्य प्रतिनिधियों ने उपायुक्त बिलासपुर से मुलाकात कर स्कूल में सीबीएसई पैटर्न लागू न किए जाने की शिकायत की थी। प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग के आदेशों के अनुपालन न होने पर हस्तक्षेप की मांग की थी। शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्य से पूछा है कि सीबीएसई पैटर्न लागू करने संबंधी निदेशक शिक्षा के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया, स्कूल को सीबीएसई संस्थान घोषित किए जाने के बावजूद एचपीबीओएसई पैटर्न में प्रवेश क्यों जारी रखे गए, सीबीएसई लागू करने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए और इस संबंध में उच्च अधिकारियों से क्या पत्राचार किया गया। उप निदेशक ने प्रधानाचार्य को वीरवार सुबह 11 बजे तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उच्च अधिकारियों को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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