शहरी निकायों में पुराने नोटों से गृहकर देने की छूट के बावजूद घुमारवीं मे कई गृह मालिकों ने हजारों का टैक्स देने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे गृह मालिकों को अब नगर परिषद अंतिम नोटिस जारी करेगा।
अगर इसके बावजूद लोगों ने गृहकर जमा नहीं करवाया तो उनके खिलाफ नप कोर्ट में जाकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा। नप घुमारवीं में 24 नवंबर तक पुराने 500 और हजार के नोटों से गृह कर देने की सुविधा लोगों को दी थी।
इस अवधि में आधे से भी ज्यादा लोगों ने नगर परिषद को गृहकर नहीं दिया है। अब ऐसे में घुमारवीं नगर परिषद गृहकर वसूलने के लिए कानून का सहारा लेगी। लोगों के नकारात्मक रवैये के कारण नप की माली हालत बिगड़ती जा रही है। हालत यह है कि कुछ समय पहले जो गृहकर लाखों में आता था, वह अब हजारों में ही सिमट कर रह गया है।
अभी तक नगर परिषद घुमारवीं गृहकर के रूप में सिर्फ 57,400 रुपये ही वसूल पाई है, जबकि दुकानों से केवल 15000 रुपये ही --- वसूल पाई है। नगर परिषद ऐसे लोगों को कई बार नोटिस जारी कर चुका है। बावजूद इसके लोग टैक्स देने को तैयार नहीं है। ऐसे में नगर परिषद ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
बताया जा रहा है कि नगर परिषद का अधिकतर गृह कर शहर के बड़े-बड़े रसूखदारों ने नहीं चुकाया है। नप के मुताबिक 150 के करीब गृह मालिक टैक्स देने को तैयार नहीं है।
गृहकर एकत्रित न होने से नप क्षेत्र में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे है। लोगों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह भी सही तरीके से सही नहीं मिल पा रही है।
इस बारे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि इससे पहले भी लोगों को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। मगर लोग टैक्स देने को तैयार नहीं है।
अब ऐसे लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी लोगों ने टैक्स नही दिया तो उनके खिलाफ कोर्ट में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।