30 सितंबर से 8 अक्तूबर तक अलग-अलग स्थानों पर होगी खोदाई, चार घंटे के ब्लॉक में पूरा होगा काम
रेल विकास निगम ने ट्रेन संचालन को ध्यान में रखकर रेलवे से लगातार नौ रात ब्लॉक मांगा
ट्रैक के बीच 0.3 मीटर चौड़े और स्लीपर के निचले हिस्से से एक मीटर नीचे तक खोदा जाएगा ट्रेंच
एमएसडीएसी डाटा प्वाइंट, सिग्नल और प्वाइंट मशीनों को जोड़ने के लिए 14 स्थानों पर होगी केबल क्रॉसिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भानुपल्ली रेलवे यार्ड में सिग्नलिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 30 सितंबर से 8 अक्तूबर तक लगातार नौ रात ट्रैक ब्लॉक लेकर केबल बिछाने का काम शुरू हो गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने रेलवे से रात के समय चार घंटे का ब्लॉक उपलब्ध कराने की मांग की है। यार्ड के अलग-अलग हिस्सों में ट्रैक के नीचे से केबल क्रॉसिंग की जाएगी।
भानुपल्ली यार्ड में मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) लगाने के लिए केबल क्रॉसिंग जरूरी है। इसके लिए ट्रैक के बीच करीब 0.3 मीटर चौड़ी और स्लीपर के निचले हिस्से से एक मीटर नीचे तक खुले ट्रेंच की खोदाई की जाएगी। केबल बिछाने के बाद ट्रेंच को दोबारा भरकर ट्रैक को सामान्य स्थिति में लाया जाएगा।
रेल विकास निगम ने चार घंटे के ब्लॉक का समय ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए मांगा है। पत्र के अनुसार आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 14054 हिमाचल एक्सप्रेस के पहुंचने के बाद से नंगल डैम स्टेशन से ट्रेन संख्या 12058 जनशताब्दी एक्सप्रेस के रवाना होने तक संबंधित ट्रैक पर ब्लॉक की आवश्यकता होगी। इस दौरान निर्माण और केबल बिछाने का काम किया जाएगा। काम पूरा होने के बाद ट्रैक को रेल संचालन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
भानुपल्ली यार्ड में 14 जगह केबल क्रॉसिंग होगी। इनमें एमएसडीएसी डेटा प्वाइंट, सिग्नल और प्वाइंट मशीन से जुड़े कनेक्शन के लिए अलग-अलग स्थानों पर केबल डाली जाएगी। प्वाइंट नंबर 82 बी, 82 ए, 83 बी, 84 बी, 83 ए, 86, 87 और 118 बी समेत कई प्वाइंट से जुड़े कनेक्शन के लिए क्रॉसिंग की जानी है। इसके अलावा एस-40, एस-35, एस-12, एस-ए1 और विभिन्न एमएसडीएसी डेटा प्वाइंट के लिए भी केबल डाली जाएगी।
रेल विकास निगम ने कहा है कि इस काम के लिए ट्रेंचलेस तकनीक का इस्तेमाल संभव नहीं है। केबल को ट्रैक के बीच स्थापित किए जाने वाले एमएसडीएसी डेटा प्वाइंट, सिग्नल और प्वाइंट मशीन से जोड़ना है। इसलिए निर्धारित स्थानों पर खुले ट्रेंच से ही केबल क्रॉसिंग करनी होगी।
काम के दौरान ट्रैक की सुरक्षा और निगरानी के लिए रेलवे के इंजीनियरिंग और सिग्नलिंग कर्मचारियों की मौके पर मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। काम पूरा होने के बाद ट्रेंच को निर्धारित मानकों के अनुसार भरकर ट्रैक को रेल संचालन के लिए सुरक्षित किया जाएगा।
एमएसडीएसी सिग्नलिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे ट्रैक के विभिन्न हिस्सों में ट्रेन की मौजूदगी का पता लगाने में मदद मिलती है। भानुपल्ली यार्ड में प्रस्तावित केबलिंग के जरिए एमएसडीएसी, सिग्नल और प्वाइंट मशीन से जुड़े कनेक्शन को आधुनिक व्यवस्था के अनुरूप जोड़ा जाएगा।