नवजातों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार
अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी शिशु गहन चिकित्सा इकाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जल्द ही इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। इससे आधुनिक नवजात चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
एनआईसीयू के निर्माण का कार्य जनवरी में शुरू किया गया था। अस्पताल के एक वार्ड को विकसित कर वहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त विशेष इकाई स्थापित की जा रही है। भवन संबंधी अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और उपकरणों की स्थापना तथा संचालन की तैयारियां जारी हैं।
एनआईसीयू शुरू होने के बाद समय से पहले जन्म लेने वाले, कम वजन वाले तथा गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नवजात शिशुओं को बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे गंभीर स्थिति में बच्चों को समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ अभिभावकों को आर्थिक और मानसिक राहत भी मिलेगी।
इकाई में नवजातों के लिए अत्याधुनिक इनक्यूबेटर, वेंटिलेटर, सी-पैप मशीन तथा मल्टी पैरामीटर मॉनिटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन उपकरणों की मदद से शिशुओं की ऑक्सीजन मात्रा, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी।
पीलिया, संक्रमण, सांस संबंधी दिक्कतों, जन्म के समय उत्पन्न जटिलताओं तथा शुगर, कैल्शियम और सोडियम के स्तर में असंतुलन जैसी समस्याओं से पीड़ित नवजातों को भी इस इकाई में विशेष उपचार मिलेगा। प्रशिक्षित बाल रोग विशेषज्ञों और अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में चौबीसों घंटे सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
एनआईसीयू की स्थापना को घुमारवीं क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके शुरू होने से आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों परिवारों को उन्नत नवजात चिकित्सा सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी।
सिविल अस्पताल में शिशु गहन चिकित्सा इकाई स्थापित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अस्पताल के एक वार्ड को विकसित कर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। जल्द ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी, जिससे समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।
डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं