घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के घुमारवीं सब डिपो की नई वर्कशॉप फाइलों में सिमट गई है। वर्कशॉप के लिए चिह्नित जगह अभी तक एचआरटीसी के नाम नहीं हो सकी है। वहीं घुमारवीं बस अड्डा स्थित पुराने वर्कशॉप भवन की हालत खस्ता हो चुकी है। भवन की दीवारों से हर जगह से प्लास्टर निकल चुका है। दीवारों और छत पर घास और पौधे उगे हुए हैं।
पिछले साल स्थानीय प्रशासन ने वर्कशॉप के निर्माण के लिए अबढाणीघाट में आठ बीघा भूमि एचआरटीसी को प्रस्तावित की थी। इस भूमि पर एचआरटीसी ने भी सहमति दे दी है। भूमि को एचआरटीसी के नाम होने के लिए नगर परिषद, वन विभाग सहित अन्य विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्रों (एनओसी) की आवश्यकता है। मगर अभी तक किसी ने एनओसी नहीं दी है।
उधर, स्थानीय लोग भी अवढाणीघाट में वर्कशॉप बनाने का विरोध कर चुके हैं। सुस्त विभागीय कार्यप्रणाली को देखकर लग रहा कि निकट भविष्य में वर्कशॉप निर्माण का रास्ता साफ नहीं हो पाएगा। पिछली भाजपा सरकार ने घुमारवीं को सब डिपो का दर्जा दिया था। हालांकि बस अड्डा पर वर्कशॉप कई साल पुरानी है। सब डिपो का दर्जा मिलने के बाद आस जगी थी कि नई वर्कशॉप के निर्माण प्रक्रिया में तेजी आएगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
उधर, एसडीएम घुमारवीं राजीव ठाकुर ने कहा कि प्रशासन ने संबंधित विभाग को जमीन चिह्नित कर दी गई है। जैसे ही एनओसी मिलती हैं जमीन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंद्र चौधरी ने बताया कि विभागों से एनओसी के लिए आग्रह किया गया है। अभी किसी भी प्रकार का एनओसी नहीं मिली है।