आरोपों को बताया बेबुनियाद, उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयना देवी मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम स्वारघाट और मंदिर के पुजारी के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में अब मंदिर का पुजारी वर्ग एसडीएम के बचाव में उतर आया है। पुजारी वर्ग ने मंदिर न्यास अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए ट्रस्टी प्रदीप शर्मा की अगुवाई में उपायुक्त राहुल कुमार को ज्ञापन सौंपा।
पुजारी वर्ग के प्रतिनिधियों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसडीएम स्वारघाट माता की मुख्य रसोई में नहीं गए थे। उन्होंने रसोई के पास घूम रहे अभिषेक नाम के पुजारी से वहां आने का कारण पूछा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। पुजारी वर्ग ने आरोप लगाया कि इस दौरान एसडीएम के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य पुजारी प्रभात शर्मा ने भी बयान जारी कर इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। ट्रस्टी प्रदीप शर्मा, पुजारी महेश शर्मा, अमित शर्मा, चंद्रकांत, रविकांश शर्मा और प्रवेश समेत अन्य ने कहा कि पूरे मामले को गलत तरीके से पेश कर मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में एसडीएम की अगुवाई में मंदिर क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए हैं। पुजारी वर्ग ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गुज्जर समाज कल्याण परिषद ने एफआईआर रद्द करने की उठाई मांग
इसी मामले में बीबीएन गुज्जर समाज कल्याण परिषद ने भी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पुजारी अभिषेक के खिलाफ जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। परिषद ने एसडीएम स्वारघाट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।