उपायुक्त कार्यालय के बाहर उपस्थित कोसरियां पंचायत के अंतर्गत आने वाले राजस्व गांव पयूंगली के लो
-ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में डाला प्रस्ताव
-सर्वसम्मति से पयूंगली को अलग पंचायत बनाने की उपायुक्त से की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। कोसरियां पंचायत के अंतर्गत आने वाले राजस्व गांव पयूंगली के लोगों ने पयूंगली को अलग पंचायत बनाने की मांग उठाई है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने उपायुक्त बिलासपुर को एक मांगपत्र सौंपा है।
ग्राम पंचायत कोसरियां की प्रधान रीना की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक हुई, जिसमें पंचायत के सभी 9 सदस्यों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से पयूंगली को अलग पंचायत बनाने का प्रस्ताव पारित किया। ग्रामीण श्यामलाल ने बताया कि कोसरियां पंचायत से उनका गांव लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस कारण ग्रामीणों को पंचायत कार्यों के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पयूंगली पंचायत के गठन से जरोट जंगल, पयूंगली, गोंइंड, बौऊंगड और ठठल जंगल जैसे गांवों को लाभ मिलेगा। श्यामलाल ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 80 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति और भजन जाति समुदायों से संबंधित है। यहां के अधिकतर लोग भाखड़ा विस्थापित हैं, जो लंबे समय से प्रशासनिक सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त बिलासपुर से मांग की है कि पयूंगली के नाम से एक नई पंचायत का गठन किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए परेशानी न उठानी पड़े।