घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ की जिला कार्यकारिणी की बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या घुमारवीं में प्रदेश महासचिव अवनीश कुमार की अध्यक्षता में हुई।
अवनीश ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति को आनन-फानन में लागू करने जा रही है। यह किस तरह लागू होगी और किस की क्या भूमिका होगी अभी इस बारे में किसी को भी पता नहीं है। संघ ने मांग की कि इसको लागू करने से पहले शिक्षक संगठनों को विश्वास में लिया जाए। बैठक में विज्ञान अध्यापक संघ ने टीजीटी आर्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताई है। संघ ने चेताया है कि विज्ञान अध्यापक की पदोन्नति भर्ती और पदोन्नति नियमों के अनुसार ही होती है। जब यूजीसी ने विज्ञान स्नातक के लिए कला विषय में स्नातकोतर करने के लिए पात्रता है तो वे इन विषयों में डिग्री प्राप्त करने के लिए पीछे क्यों रहें। संघ ने कहा कि शिक्षक जगत में रोष है कि लगभग दो वर्ष से मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य की पदोन्नति नहीं हो पाई है। इससे प्रमोशन चैनल रुक गया है। संघ ने सरकार से मांग की कि पदोन्नतियां पुराने नियमों के तहत ही की जाएं।
संघ ने सरकार से मांग की कि नई पेंशन योजना को हटा कर पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाए। इससे कर्मचारी बुढ़ापा सम्मानजनक ढंग से जी सकेंगे। संघ ने सरकार से मांग की कि प्रायोगिक भत्ता जो बीस वर्ष से नहीं बढ़ा है उसे जल्दी बढ़ाया जाए। टीजीटी की वरीयता सूची 2015 के बाद नियमित हुए शिक्षकों के लिए आज तक संशोधित नहीं की है। उसे भी जल्दी ही संशोधित किया जाए। बैठक में जिला प्रधान राजेंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार, महासचिव रजनीश ठाकुर, दलीप सिंह, सुरेश कुमार, सुशील, विपिन, केशव एवं रंजीत सिंह ने भाग लिया।