कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले यात्रियों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं
एचआरटीसी ने अड्डे के लिए दो बीघा जमीन की है चिह्नित, हिमुडा करेगी निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के मंडी भराड़ी चौक पर अब एक आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाया जाएगा। इस बहु प्रतीक्षित परियोजना को प्रदेश सरकार ने मंजूरी देते हुए 3.25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। बस अड्डे के निर्माण का कार्य हिमुडा करेगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना का प्रारंभिक खाका हिमाचल पथ परिवहन निगम ने तैयार किया था। निगम ने मंडी भराड़ी चौक में दो बीघा जमीन चिह्नित कर इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने की योजना डेढ़ साल पहले बनाई थी। इस बस अड्डे का उद्देश्य प्रदेश के साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वर्तमान में बिलासपुर जिले में एचआरटीसी की 134 बसें 156 रूटों पर चल रही हैं। इनमें से अधिकांश बसें कीरतपुर-मनाली और शिमला-मटौर फोरलेन से होकर गुजरती हैं। निगम की योजना थी कि बस अड्डे की लोकेशन ऐसी हो, जो इन प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक रहे। इसी दृष्टि से मंडी भराड़ी चौक को सबसे उपयुक्त स्थान माना गया। प्रस्तावित बस अड्डे में यात्रियों के लिए पार्किंग, विश्राम कक्ष, पेयजल, शौचालय, फूड कोर्ट और अन्य वे-साइड एमेनिटीज (सड़क किनारे सुविधाएं) विकसित की जाएंगी, ताकि यात्रियों को सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।
बताते चलें कि गोबिंद सागर झील के किनारे स्थित मंडी भराड़ी क्षेत्र आने वाले वर्षों में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। यह इलाका न केवल वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि चंडीगढ़-मनाली फोरलेन से जुड़े होने के कारण यह एक प्रमुख यातायात जंक्शन के रूप में उभरेगा। हिमुडा बोर्ड के सदस्य जितेंद्र चंदेल ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। कहा कि बस अड्डे के निर्माण से स्थानीय लोगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।