मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं के साथ गोबिंद सागर झील तक हुई पदयात्रा
पहले दिन मंदिर में हुआ पांच कुंडीय यज्ञ और दीप यज्ञ
प्रदेश में हुई आपदा के चलते उत्सव के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम इस वर्ष रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शरद नवरात्रों में मां दुर्गा की उपासना का प्रतीक बिलासपुर का प्रसिद्ध शरदोत्सव सोमवार को बाबा नाहर सिंह बजिया मंदिर धौलरा में धूमधाम से शुरू हुआ। इस वर्ष बंगाल से आए कारीगरों द्वारा बनाई गई महिषासुर वध करती शेर पर सवार मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के साथ मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की सुंदर प्रतिमाएं शरदोत्सव को भव्य रूप प्रदान कर रही हैं।
दुर्गा पूजा समिति की संस्थापिका डॉक्टर मल्लिका नड्डा की देखरेख में हुए आयोजन का शुभारंभ पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के पिता डॉ. नारायण लाल नड्डा विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्य यजमान की भूमिका समाजसेवी व प्रतिष्ठित व्यवसायी कमलेंद्र गौतम और स्वाति गौतम मौजूद रहे। मुख्य यजमानों के नेतृत्व में भक्तजनों ने नंगे पैर गोबिंद सागर झील तक पदयात्रा की और वहां से बोट के माध्यम से झील के मध्य जाकर पूजा-पाठ किया। जलकलश भरकर मां दुर्गा के समक्ष स्थापित किया गया और धान व जौ की बुवाई की। नवरात्रि के पहले दिन गायत्री परिवार बिलासपुर ने पांच कुंडीय हवन यज्ञ संपन्न करवाया। इस यज्ञ को गायत्री परिवार के प्रधान ट्रस्टी प्रेम लाल शर्मा की देखरेख में शांतिकुंज हरिद्वार से आए परिव्राजक डॉक्टर यशवंत ने मंत्रोच्चारण के बीच सम्पन्न किया। संध्याकाल में 1008 दीपों की दीपमाला के साथ दीप यज्ञ भी किया गया। डॉ. मल्लिका नड्डा ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण इस वर्ष शरदोत्सव में हर साल आयोजित मेंहदी, रंगोली, चित्रकला, धार्मिक गायन व नृत्य जैसी प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक नाईट आयोजित नहीं की जाएगी।
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प्रथम नवरात्र पर मां शैलपुत्री स्वरूप का पूजन
नवरात्रे के प्रथम दिन मां दुर्गा के शैल पुत्री स्वरूप की पूजा की गई। इस स्वरूप में मां वृषभ (बैल) पर विराजती हैं, दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण करती हैं। शिमला से आए पुजारी सुधांशु शेखर भट्टाचार्य और सहयोगी सुशील कुमार ने विधिवत पूजा संपन्न करवाई। भक्तों ने सामूहिक रूप से पुष्पांजलि अर्पित की।
बिलासपुर में शरदोत्सव के शुभारंभ पर हवन यज्ञ करते गायत्री परिवार और दुर्गा समिति के सदस्य। संव