भराड़ी (बिलासपुर)। वेल्डिंग का काम कर रहे ओलंपिक पदक विजेता बिलासपुर जिले के स्वारा गांव के नरेश नड्डा अब युगांडा में योग सिखाएंगे। सोशल मीडिया पर अमर उजाला की खबर पढ़कर भारतीय मूल के लोगों ने उनसे साधा संपर्क साधा है। नरेश नड्डा ऑनलाइन कम्पाला स्कूल के दो हजार विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण देंगे।
ओलंपिक पदक विजेता नरेश नड्डा की अमर उजाला में छपी 21 जून की खबर को सोशल मीडिया पर पढ़कर युगांडा के शहर कम्पाला में रह रहे घुमारवीं के दीपक ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। उनसे ऑनलाइन योग शिविर लगाने की बात की। दीपक ने नरेश नड्डा की खबर छापने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। कहा कि सही समय पर नरेश नड्डा के बारे में अवगत करवाया। भारतीय मूल के लोगों और वहां के स्थानीय निवासियों को इस बारे में जानकारी दी। दीपक ने बताया कि दिल्ली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल कम्पाला में पढ़ रहे करीब दो हजार विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और वहां काम कर रहे भारतीय मूल के लोगों को नरेश नड्डा योग का प्रशिक्षण देंगे।
दीपक ने कहा कि सरकार को नरेश नड्डा जैसे ओलंपिक पदक विजेता का सम्मान करते हुए उन्हें नौकरी देनी चाहिए। गौर हो कि ओलंपिक योगा कप 2004 में नरेश नड्डा कांस्य पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा नेशनल और स्टेट योगा प्रतिस्पर्धा में भी स्वर्ण और कांस्य पदक जीत चुके हैं। लेकिन अनदेखी के कारण आज लोगों के घरों में वेल्डिंग का काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं लगाकर लोगों को योग सीखा रहे हैं।