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Bilaspur News: शारदीय नवरात्र पर 22 घंटे खुला रहेगा नयना देवी मंदिर

Sun, 21 Sep 2025 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे पर रहेगा प्रतिबंध
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 150 होमगार्ड और 100 पुलिस जवान रहेंगे तैनात

संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। शारदीय नवरात्र के पर श्री नयना देवी मंदिर 22 घंटे खुला रहेगा। आम दिनों में सुबह 4:00 बजे मंगल आरती, सुबह 6:00 बजे प्रातः कालीन श्रृंगार आरती, शाम 7:30 बजे सायं कालीन आरती और रात 9:30 बजे शयन आरती होती थी। मेले के दौरान इन चारों आरतियों का आयोजन रात्रि 12:00 से 2:00 बजे के बीच किया जाएगा। मध्याह्न आरती के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मंदिर दिन में 12 से 12:30 बजे तक बंद रहेगा।
मेले के दौरान श्री नयना देवी जी मंदिर परिसर में 22 सितंबर से 2 अक्तूबर तक श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। मेले के दौरान मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी प्रकार का सार्वजनिक संदेश अथवा उद्घोषणा आवश्यक हो, तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रसारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के प्रसाद के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। मंदिर को दुलहन की तरह सजाया गया है। मंदिर अधिकारी संजीव भास्कर ने बताया कि इस बार मंदिर को नवरात्रों के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 150 होमगार्ड और 100 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। मंगल आरती में माता नयना को मेवे का भोग लगाया जाएगा, जबकि प्रातः कालीन श्रृंगार आरती में हलवा और बर्फी का प्रसाद श्रद्धालुओं को मिलेगा। नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुनिश्चित किए गए हैं।
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नवरात्रों के दौरान बिलासपुर शहर के धौलरा मंदिर में भी शरदोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। इसका शुभारंभ सुबह 9 बजे भूमि पूजन और कलश यात्रा के साथ होगा। गायत्री परिवार द्वारा हवन यज्ञ किया जाएगा। शाम 7 बजे आरती के साथ उत्सव का समापन होगा। वहीं, दुर्गा समिति के प्रवक्ता स्वदेश ठाकुर ने कहा कि इस बार प्रदेश में आई भारी आपदा के चलते समिति ने निर्णय लिया है कि कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। इसके अलावा उत्सव के दौरान हर दिन पूजन आरती सहित सभी अन्य आरतियां आयोजित होंगी। उत्सव का समापन मूर्ति विसर्जन के साथ होगा।
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