कसारू पंचायत के बद्धाघाट गांव में शनिवार सुबहआंगन में खेल रहे एक नौ वर्षीय बालक पर बंदरों का झुंड टूट पड़ा। बंदरों ने हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बालक के पीठ पर काफी खरोंचे आई हैं।
बंदरों के हमले से बालक को परिजनों ने छुड़ाया। घायल बालक का उपचार सिविल अस्पताल घुमारवीं में चल रहा है। जानकारी के मुताबिक बद्धाघाट गांव का शानुल पटियाल (9) सपुत्र सुरजीत पटियाल शनिवार सुबह अपने आंगन में खेल रहा था। सुरजीत पटियाल ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे शानुल आंगन में खेल रहा था।
इतने में जंगल की ओर से आए तीन-चार बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इससे बालक आंगन में गिरकर पड़ा। बंदरों ने शानुल की पीठ पर खरोंचे मारकर बुरी तरह से घायल कर दिया है।
शानुल के चिल्लाने की आवाज सुनकर, परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उसे बंदरों से छुड़ाया। इसके बाद उसे घायलावस्था में सिविल अस्पताल घुमारवीं लाया गया। जहां पर उसका उपचार चल रहा है।
शानुल पटियाल डीएवी स्कूल घुमारवीं में चौथी कक्षा का छात्र है। गांव के बीचोंबीच हुए इस हमल से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
विदित रहे कि जंगल के साथ सटा होने के कारण बद्धाघाट गांव के आसपास बंदर कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। इससे पहले भी बंदर कई लोगों को काट चुके है।
पिछले दो-तीन महीनों में ही बंदरों ने एक छात्र और सैनिक सहित दो अन्य लोगों पर हमला करके उन्हें घायल कर चुके हैं। इससे बंदरों के खौफ से लोगों में दहशत बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से बंदरों की समस्या से निजात दिलवाने की मांग की है।
डीएफओ एचके सर्वटा ने बताया कि वन विभाग बंदरों के घायल पर होने वाले खर्च का वहन करता है। विभाग के पास दवाइयों का बिल जमा करवाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बद्धाघाट गांव में बढ़ रहे बंदरों की समस्या को लेकर शीघ्र कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिल सके।