338 घरों को मिलेगी सुविधा, वर्ष 2057 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होगी योजना
बढ़ती आबादी के अनुरूप आधुनिक सीवरेज व्यवस्था विकसित करना उद्देश्य
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। भराड़ी उप तहसील के बाड़ा दा घाट से लेकर लोअर भराड़ी तक पूर्व और पश्चिम दिशा में बसे गांवों को जल्द आधुनिक सीवरेज सुविधा मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 13.30 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में स्वच्छ और व्यवस्थित सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ जनस्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा।
परियोजना के तहत भराड़ी, बडसाय, लौहट और सुमाड़ी सहित आसपास के प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में यह योजना करीब 1166 लोगों को लाभान्वित करेगी, जबकि वर्ष 2057 तक अनुमानित 1759 की आबादी को ध्यान में रखकर इसकी क्षमता विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत लगभग 338 घरों को सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत पूरे क्षेत्र में सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी। पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से आने वाली सीवरेज लाइनों को लोअर भराड़ी के समीप एक केंद्रीय कलेक्शन प्वाइंट पर जोड़ा जाएगा। इसके बाद एक मुख्य लाइन के माध्यम से अपशिष्ट जल को आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां वैज्ञानिक तरीके से उसका उपचार किया जाएगा। शोधित जल को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही छोड़ा जाएगा, जिससे जलस्रोतों और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
परियोजना का उद्देश्य बढ़ती आबादी के अनुरूप आधुनिक सीवरेज व्यवस्था विकसित करना, खुले में गंदे पानी के बहाव की समस्या का स्थायी समाधान करना और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इसके लागू होने से बरसात के दौरान गंदे पानी के जमाव, दुर्गंध और जलजनित बीमारियों की आशंका में भी कमी आएगी। स्थानीय लोगों ने परियोजना को मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी और इस योजना के पूरा होने से भराड़ी क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
कोट
भराड़ी क्षेत्र के लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 13.30 करोड़ रुपये की इस सीवरेज परियोजना से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलेगी। सरकार परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री