व्यासधेनु दुग्ध संयंत्र भड़ोली कलां का शिलान्यास करते मंत्री वीरेन्द्र कंवर।
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बिलासपुर। राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना के अंतर्गत पोषित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बिलासपुर के तत्वावधान में 8.63 करोड़ रुपये की आगत से व्यासधेनु दुग्ध संयंत्र भड़ोली कलां का निर्माण किया जाएगा। मंगलवार को पंचायतराज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इस संयंत्र का शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के बनने से क्षेत्र में लोगों को घर-द्वार पर खासकर महिलाओं को आर्थिकी मजबूत करने का अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि कामधेनु संस्था इस क्षेत्र से दुग्ध उत्पादकों से घर-द्वार से दूध एकत्रित कर लोगों को अपने जीवनयापन के लिए रोजगार उपलब्ध करवाएगी। यह संस्था 5400 परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करवा रही है। संस्था 40 हजार लीटर दूध प्रतिदिन एकत्रित करती है। जबकि मिल्डफेड 1.20 लाख लीटर पीक सीजन में दूध एकत्रित करता है। उन्होंने कहा कि कोटधार क्षेत्र में बकरी पालन होता है, इसकी अपनी एक विशेषता है। बकरी के दूध का भी बाजार में बहुत महत्व है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्रामीण आंगनबाड़ी बकरी पालन योजना शुरू की है। इसमें पशुपालकों को उत्तम नस्ल की 10 बकरियां और एक बकरा दिया जा रहा है।
बकरी के दूध से पनीर आदि उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इससे किसानों की आय दोगुनी करने को बल मिल रहा है। पहाड़ी गाय संरक्षण योजना के अंतर्गत 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसे सिरमौर के कोटला बड़ोग से शुरू किया गया है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब पशुपालकों को बछड़ों से निजात दिलाने के लिए भारतीय गोवंश टीका तैयार किया गया है। इससे सिर्फ बछड़ी ही पैदा होगी। बल्हसीणा के गोसदन के लिए 50 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई है। इससे सड़कों पर बेसहारा बैलों को गोसदन में आश्रय दिया जा सके।
इसके अतिरिक्त कामधेनु कृषक एवं उपभोक्ता मंच नम्होल ने गो सेवा आयोग को आवेदन किया है ताकि नम्होल के पास गो सेंचुरी चलाई जा सके। इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। इस मौके पर स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि दुग्ध संयंत्र के 8 से 9 महीने में तैयार होने पर क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे। इस संयंत्र के बनने से मिठाई, घी, पनीर और दूध के उत्पाद अन्य जिलों को निर्यात किए जाएंगे।