एमडीएम वर्करों ने मानदेय न मिलने पर अतिरिक्त उपायुक्त
के माध्यम से भेजा
कहा 10 दिनों में भुगतान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू ने मिड-डे मील वर्करों के तीन माह से लंबित मानदेय को तत्काल जारी करने की मांग की है। यूनियन ने अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशू सिंघल के माध्यम से शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन अध्यक्ष किरण और महासचिव सपना ने बताया कि मिड-डे मील वर्कर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। वर्कर बच्चों के पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। पहले से ही कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। ऐसे में तीन माह तक मानदेय न मिलना उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन रहा है। सीटू ने सरकार और शिक्षा विभाग से लंबित मानदेय तुरंत जारी करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा। कहा कि मानदेय का समय पर भुगतान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से वर्करों की आर्थिक मजबूरियों को समझते हुए भुगतान करने की अपील की।
यूनियन ने मानदेय भुगतान में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार विभागीय प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने इसमें आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्करों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए। यह वृद्धि उनके परिवारों का बेहतर पालन-पोषण सुनिश्चित करेगी।
यूनियन ने सरकार और शिक्षा विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है। यदि आगामी 10 दिनों के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा। सीटू और एमडीएम वर्कर यूनियन के नेतृत्व में सरकार एवं प्रशासन का घेराव किया जाएगा। इस दौरान किरण, सपना, संजय, माया, सरिता, कमलेश, पिंकी, कुंता, मीरा सहित अन्य वर्कर उपस्थित रहे।