राज्य स्तरीय हड़ताल में शामिल होंगे सैकड़ों वर्कर, चुनाव ड्यूटी भत्ता
नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांगें तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू) की जिला बिलासपुर इकाई ने 22 जून को होने वाली राज्य स्तरीय हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का फैसला लिया है। शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में उस दिन मिड-डे मील का कार्य पूरी तरह बंद रखा जाएगा। साथ ही सैकड़ों वर्कर शिमला में आयोजित महारैली में भाग लेने के लिए रवाना होंगे।
बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान इंद्र सिंह ठाकुर ने की। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न पंचायती राज चुनावों के दौरान जिले के कई मतदान केंद्रों पर मिड-डे मील वर्करों से पोलिंग पार्टियों के लिए भोजन तैयार करवाया गया, लेकिन उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। इसे वर्करों का शोषण बताते हुए यूनियन ने कड़ा विरोध जताया।
यूनियन ने मांग की कि चुनावी ड्यूटी के दौरान सेवाएं देने वाले सभी मिड-डे मील वर्करों को एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चुनावी ड्यूटी भत्ता दिया जाए। इसके अलावा प्रत्येक माह पूरा मानदेय देने और किसी भी प्रकार की कटौती बंद करने की भी मांग उठाई गई। बैठक में यूनियन ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यूनियन की प्रमुख मांगों में प्रदेश के सभी मिड-डे मील वर्करों को नीति बनाकर नियमित करना, नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन देना तथा सभी वर्करों को पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाना शामिल है। बैठक में सीटू राज्य कमेटी सदस्य जगत राम, सीटू जिला प्रधान लखन पाल शर्मा और जिला सचिव विजय शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। यूनियन की जिला सचिव पूनम कुमारी ने 22 जून को शिमला में होने वाली रैली को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।