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सीर खड्ड की सिल्ट रोकेगा माइक्रो स्टीनर

Wed, 17 Feb 2016 07:21 PM IST
संजय शर्मा /अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)।
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नगर परिषद घुमारवीं और आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों के लोगों को अब बरसात में दूषित पानी और पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी।
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बरसात में सिल्ट युक्त पानी के स्थाई समाधान के लिए आईपीएच विभाग अब आधुनिक तकनीक से सिल्ट को रोकेगा। इस योजना पर लगभग 1.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके लिए योजना के फिल्टर बैंड में माइक्रो स्टीनर लगाए जाएंगे। हिमाचल में घुमारवीं के लिए बनने वाली यह पहली पेयजल योजना होगी जो आधुनिक माइक्रो स्टीनर तकनीक पर आधारित होगी।
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विभाग ने इसके लिए टेंडर भी कर दिए हैं। इस वर्ष बरसात से पहले इस योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

नगर परिषद घुमारवीं और आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में बरसात के दिनों में मटमैला पानी आता है। सीर खड्ड पर बनी पेयजल योजना में सिल्ट बढ़ जाने के कारण पानी पूरी तरह से फिल्टर नहीं हो पाता।

इस वजह से कई बार पेयजल योजना से सप्लाई ही बंद करनी पड़ती है। इस वजह से पांच-पांच दिनों तक इलाके में पानी की आपूर्ति नहीं होती। इस वजह से स्थानीय लोगों को पेयजल  किल्लत का सामना करना पड़ता है।

इस समस्या के स्थाई समाधान करने के लिए आईपीएच विभाग ने कवायद आरंभ कर दी है। लगभग 1.52 करोड़ रुपये की लागत से सीर खड्ड पर बनी पेयजल योजना का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

इसके लिए इस योजना पर माइक्रो स्टीनर लगाए जाएंगे। आईपीएच विभाग के अधिकारियों की मानें तो हिमाचल प्रदेश में पहली बार माइक्रो स्टीनर पर आधारित पेयजल योजना बनाई जा रही है। अब तक इस तकनीक का प्रयोग हिमाचल से बाहर ही हुआ है।

क्या है माइक्रो स्टीनर
पेयजल योजना के पानी को फिल्टर करने के लिए माइक्रो स्टीनर का प्रयोग किया जाता है। आईपीएच के अधिकारियों के अनुसार योजना में बड़ी-बड़ी स्टील की पाइपें लगाई जाएगी। जो अत्याधिक सिल्ट होने पर भी पानी को स्वच्छ करती है। इससे जहां पेयजल योजना लगातार चालू रहेगी। वहीं, दूषित पानी का भी खतरा नहीं रहेगा।

वर्तमान में गंभीर है योजना की स्थिति
वर्तमान समय में घुमारवीं के लिए बनी इस योजना की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बरसात के दौरान पानी में सिल्ट की मात्रा कई बार 10 हजार पीपीएम तक पहुंच जाती है। इस वजह से योजना को बंद करना पड़ता है। माइक्रो स्टीनर लगने के बाद इस समस्या से निजात मिल सकेगी।
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आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता एलआर वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि योजना के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। जल्द ही माइक्रो स्टीनर लगवाने का कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा। इस योजना पर करीब 1.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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