बिलासपुर। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि मेले, त्योहार और पर्व हमारी प्राचीन बहुमूल्य लोक सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। वर्तमान में आवश्यक है कि मेले के मौलिक स्वरूप को कायम रखते हुए इसे और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान करने की दिशा में बेहतरीन कार्य किया जाए। उपायुक्त बचत भवन में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के प्रबंधन के लिए बुलाई गई अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 17 से 23 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2020 को यादगार मेला बनाने के लिए सभी लोग अपने सकारात्मक सुझाव दें जिन्हें संभव बनाने और मूर्तरूप देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेला अत्यंत शांत व पारिवारिक माहौल में संपन्न हो इसके लिए प्रशासन की ओर से हर प्रकार की व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि मेला देखने के लिए आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़ें।
उन्होंने कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए उपसमितियों का गठन किया जाएगा। नलवाड़ी मेले को यद्यपि प्राचीन समय से पशुओं की मंडी से जोड़कर देखा जाता रहा है लेकिन आज के दौर में इसमें और अधिक गतिविधियों को जोड़कर इस मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि नलवाड़ी मेला राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर सके।
उन्होंने कहा कि लक्ष्मी नारायण मंदिर से भव्य शोभा यात्रा से इस मेले का आगाज किया जाएगा। मेले में कुश्तियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ ही पैराग्लाइडिंग, वॉलीबाल और कबड्डी जैसी स्पर्धाएं भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बेबी शो, डॉग शो प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र होंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हर वर्ग के मनोरंजन का ख्याल रखा जाएगा तथा बिलासपुर की संस्कृति के प्रचार व प्रसार को भी अधिमान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान लगने वाली प्रदर्शनियों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने के लिए विभागों की ओर से प्रदर्शनी स्टाल भी लगाए जाएंगे तथा बेहतरीन प्रदर्शनी को पुरस्कार देकर नवाजा जाएगा। बैठक का संचालन सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य ने किया। इस अवसर पर शोभा यात्रा, स्मारिका प्रकाशन, सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, कानून व्यवस्था, अग्निशमन विभाग, यातायात व्यवस्था, उपसमितियों के गठन, स्टेज निर्माण इत्यादि बीस से भी अधिक मुद्दों पर व्यापक रूप से चर्चा की गई।