बिलासपुर। 95वें स्थापना दिवस और दशहरे के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से बिलासपुर शहर में पंथ संचलन किया गया। इस मौके पर शस्त्र पूजा का भी आयोजन किया गया जिसमें जिलेभर से स्वयंसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सूबेदार मेजर प्रेम सिंह मिन्हास ने की। कार्यक्रम रौड़ा में आयोजित किया गया जहां से बैंड की ध्वनि पर पथ संचलन शुरू हुआ।
शस्त्र पूजन के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के उत्तर क्षेत्रीय प्रचारक बनबीर ने कहा कि संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर में हुई थी। आज 95 वर्ष में संघ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है। कहा कि संघ का मूल उद्देश्य भारत को एक बार पुन: विश्व गुरु की पदवी पर बैठाना है।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघ ने व्यक्ति निर्माण का कार्य शुरू किया है। बचपन से देशभक्ति, समर्पण का भाव, सत्यप्रियता जैसे गुणों का शाखा के माध्यम से स्वयंसेवक में स्वमेव ही समावेश हो जाता है। यही संस्कारित स्वयंसेवक बड़े होकर जिस भी क्षेत्र में कार्य करते हैं वहां उनके कार्यों में ईमानदारी व सच्चाई झलक जाती है। उन्होंने कहा कि आज देश विरोधी ताकतें पूरी तरह सक्रिय हैं। ये देश विरोधी ताकतें सीमाओं पर ही नहीं अपितु देश के अंदर भी सक्रिय हैं। इन सभी को परास्त करने के लिए आज देश का हर देशभक्त नागरिक को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है छुआछूत को खत्म किया जाए। चीन हमेशा भारत के शत्रु देश पाकिस्तान को मद्द देता है इसलिए चीन में बने सामान का सभी भारतीय मिल कर बहिष्कार करें ताकि वह हमारे ही धन से हमारी बर्बादी का करण न बने। इसके बाद रौड़ा ग्राउंड पथ संचलन शुरू हुआ जो गुरुद्वारा चौक, कॉलेज चौक चेतना चौक से होते हुए चंपा पार्क और मुख्य बाजार से वापस रौड़ा मैदान पहुंच कर संपन्न हुआ।
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राष्ट्र सेविका समिति ने भी किया पथ संचलन
राष्ट्र सेविका समिति की ओर से भी पहली बार बिलासपुर में पथ संचालन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर रौड़ा में किया गया जहां समिति के सदस्यों ने शस्त्र पूजन किया। इसके बाद पथ संचलन शुरू हुआ। कार्यक्रम राष्ट्र सेविका समिति प्रांत बौद्धिक प्रमुख और मुख्य वक्ता रही।
प्रांत निधि प्रमुख सुरेखा शर्मा, अध्यक्षा नेता, प्रांत सह शारीरिक प्रमुख अनामिका शर्मा, उत्तरी दिल्ली विद्यार्थी विस्तारिका वैशाली भट्टी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहीं। पथ संचलन गुरुद्वारा चौक, कॉलेज चौक चेतना चौक से होते हुए चंपा पार्क और मुख्य बाजार से वापस सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा।