नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता एवं मेडिटेशन शिविर आयोजित
सकारात्मक, स्वस्थ एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मुक्त कारागार बिलासपुर में एक विशेष जागरूकता एवं ध्यान-साधना शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही उन्हें सकारात्मक, स्वस्थ एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी रहा।
जिला कल्याण अधिकारी की ओर से यह शिविर आयोजित किया गया। इसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान, बिलासपुर की रीना और अखिल कुमार ने बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। आत्मविश्वास, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच से नशे से छुटकारा पाया जा सकता है। ध्यान और आत्मचिंतन को जीवन का हिस्सा बनाने से तनाव तथा नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण मिलता है। बंदियों को ध्यान-साधना की विभिन्न विधियों का अभ्यास भी करवाया गया। नियमित ध्यान-साधना मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाती है। बंदियों ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानसिक शांति का अनुभव किया।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार का नशा मुक्त भारत अभियान पूरे जिले में चल रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों और पंचायतों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। औद्योगिक संस्थानों तथा सुधार गृहों में भी विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशामुक्त, स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनाना है। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
सकारात्मक जीवन की प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक नोखू राम भारद्वाज ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम बंदियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक हैं। ये मानसिक सुधार और समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारद्वाज ने सभी बंदियों से नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर जेल प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।