जिले में अपनी तरह का अनोखा प्रयास, अन्य स्कूलों के लिए बना प्रेरणास्रोत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिहाड़ा एक बार फिर अपने नवाचार को लेकर चर्चा में है। वर्ष 2024-25 में विद्यालय में शुरू किया गया मशरूम उत्पादन का प्रयोग अब रंग लाने लगा है। विद्यालय में लगाए गए मशरूम बैग से पहली बार फसल तैयार हुई, जिसे बच्चों के मध्याह्न भोजन में शामिल किया गया।
विद्यालय में कार्यरत अध्यापक खूब सिंह के प्रयासों से मध्याह्न भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने के उद्देश्य से मशरूम उगाने की पहल की गई थी। बताया जा रहा है कि यह जिले में अपनी तरह का पहला प्रयास था, जिसमें सरकारी प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही मशरूम उत्पादन शुरू किया गया। अब इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। खूब सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 के लिए भी विद्यालय में चार मशरूम बैग लगाए गए हैं। इनमें से दो बैग में मशरूम लगे हैं, जबकि शेष दो बैग लगभग एक माह बाद उत्पादन देंगे। करीब 45 दिन पहले इन बैगों को विद्यालय में लाया गया था। नियमित देखरेख और विभिन्न चरणों में सावधानीपूर्वक रखरखाव के बाद अब मशरूम तैयार हो गए हैं। बुधवार को पहली बार इन बैगों से मशरूम तोड़े गए और उन्हें मध्याह्न भोजन में शामिल किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ इसका स्वाद लिया। शिक्षकों का कहना है कि मशरूम प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।
स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान पूजा देवी ने इस पहल के लिए अध्यापक खूब सिंह और समस्त स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा। मुख्याध्यापक प्रेम लता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन में पौष्टिकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा देना भी है। विद्यार्थियों को मशरूम तैयार करने की प्रक्रिया, उसकी देखरेख और उत्पादन के विभिन्न चरणों की जानकारी भी दी जा रही है।