बिलासपुर के मंगरोट में हाईवे पर विभागीय कर्मी निशानदेही का काम करते हुए। संवाद
- विभागीय टीम ने एक सप्ताह में चार बार की नाप-नपाई
- दो साल से चल रहा विवाद, व्यक्ति का दावा हाईवे की आठ विस्वा भूमि उसकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-धर्मशाला हाईवे पर मंगरोट में विवादित भूमि पर वीरवार को फिर से निशानदेही हुई। विभाग की ओर से एक सप्ताह में चौथी बार निशानदेही की गई। अब निशानदेही की रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट में पेश की जाएगी। इसके बाद विवादित भूमि पर फैसला होगा।
तहसीलदार सदर की अगुवाई में विभागीय टीम ने 15, 17 और 18 जनवरी को भी विवादित भूमि की निशानदेही की थी। वीरवार को विभागीय टीम एक बार फिर मंगरोट पहुंची और दिनभर निशानदेही का काम किया। विवादित भूमि का मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है। राजन कांत नाम का एक व्यक्ति हाईवे की आठ विस्वा भूमि पर अपना दावा करता है। वह हाईवे की भूमि पर कब्जा करने भी कोशिश कर चुका है। उसने 2 जनवरी को भी हाईवे पर मिट्टी, गोबर के ढेर लगा दिए थे। बार-बार हाईवे बाधित होने से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। बता दें कि दिसंबर 2022 में उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगरोट में हाईवे के किनारे से राजन कांत शर्मा का खोखा को हटाया गया था। इसके बाद से भूमि विवाद शुरू हो गया।