वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण जिला में कई सड़कों का कार्य अधर में लटक गया है। हालत यह है कि वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी न होने से कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी सड़क सुविधा से महरूम हैं। कई मामलों में सालों से सड़क निर्माण की फाइलें वन विभाग में धूल फांक रही हैं। बिलासपुर जिला में ही 149 सड़कें ऐसी हैं जो कि वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण अधूरी पड़ी है।
यहीं नहीं कुछ सड़कों का काम पंचायत ने अपने स्तर पर कर दिया है। मगर वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग अपने अधीन नहीं ले पा रहा है।
ऐसे में इन सड़कों की हालत बदहाल बनी हुई है। मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट न मिलने से इन सड़कों पर वाहन चलाना किसी जोखिम से कम नहीं है। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा न होने के कारण स्कूली बच्चों सहित कर्मचारियों को हर रोज समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर जिला में जहां डिविजन-1 में 20 और डिविजन- 2 में 129 सड़कों का कार्य वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण लटका हुआ है। यहीं कारण है कि जिला के कई क्षेत्र आज भी ऐसे है कि जहां आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई हैं। कई स्थानों में तो लोगों ने अपनी जमीन सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के नाम तक कर दी है।
मगर कुछ भाग वन विभाग के अधीन होने के कारण यह सड़कें आज भी अधूरी ही हैं। इससे लोगों की जमीन तो सरकार ने लोनिवि के नाम करवा ली। मगर वन विभाग की जमीन के लिए दर्जनों औपचारिकताओं को पूरा करवाने में सालों बीत गए हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार के नेता हर मंच से सड़क निर्माण की घोषणा तो कर रहे हैं।
मगर वन विभाग से एनओसी के नियमों को सरल बनाने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है। यहीं कारण है कि मंजूरी के बाद भी सैकड़ों सड़कों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है।
लोक निर्माण विभाग के डिविजन नंबर के एक्सईएन रमेश ने बताया की अभी तक उनके डिविजन में 129 सड़कों का निर्माण कार्य वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण रुका पड़ा हैं।
लोनिव के एक्सईएन डिविजन-1 के एक्सईएन वीएन पराशर का कहना है कि डिविजन-1 में 20 सड़कों का कार्य एनओसी न मिलने के कारण लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि औपचारिकताएं पूरी करने का कार्य जारी है।