जिला बिलासपुर की प्रमुख कमर्शियल फसल आम काे मैंगो हॉपर रोग ने जकड़ लिया है। आम की बंपर पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हजारों बागवान मायूस हैं। मैंगो हॉपर रोग से आम की की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इससे बागवान परेशान हैं।
बिलासपुर जिला में काफी संख्या में लोग आम की खेती से जुड़े हुए हैं। इस वर्ष लोगों को आम की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी। आम की फसल को गर्मी में लगने वाले मैंगो हॉपर रोग ने जकड़ लिया है।
जिला में लगभग चार हजार हेक्टेयर भूमि पर आम की फसल होती है। जिला के लगभग 25 हजार किसान-बागवान आम की खेती से जुड़े हुए हैं। इनमें से कई बागवान आम की फसल को व्यापक स्तर पर उगाते हैं। जिला में हर साल हजारों मीट्रिक टन आम का उत्पादन किया जाता है।
वहीं, विशेषज्ञों की मानें तो मैंगो हॉपर रोग इतना खतरनाक होता है कि यदि इसकी रोकथाम समय पर नहीं की गई, तो यह पूरी फसल को चट कर देता है। ऐसे में किसानों तथा बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। आम की फसल को मैंगो हॉपर रोग की पुष्टि संबंधित विभाग भी कर रहा है, लेकिन इस संबंध में विभाग की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सके कि मैंगो हॉपर रोग अब तक आम की कितनी फसल चट कर चुका है।
बागवान इमिडाक्लोप्रिड दवाई का करें स्प्रे
वहीं, विभागीय अधिकारी बागवानों को मैंगो हॉपर रोग लगने पर इमिडाक्लोप्रिड नामक दवाई की स्प्रे करने की सलाह दे रहे हैं। जोकि बागवानों को 50 फीसदी अनुदान पर मिल रही है।
पिछले दिनों पड़ी भयंकर गर्मी के कारण आम की फसल में मैंगो हॉपर रोग लग गया था। फील्ड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इस बाबत अलर्ट कर दिया है। बागवानों की शिकायत आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। किसान पोर्टल के माध्यम से भी बागवानों को सचेत किया जा रहा है। बारिश होने से इस बीमारी का असर कम होगा।
राज कुमार शर्मा, अतिरिक्त कार्यभार उद्यान उपनिदेशक, बिलासपुर।