कोल बांध परियोजना से 10 और कामगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इससे गुस्साये लोगों ने रविवार को हरनोड़ा में महापंचायत बुलाई। इससे में आसपास की पंचायत के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर एनटीपीसी के खिलाफ लोगों को खूब गुस्सा फूटा।
महापंचायत में ग्रामीणों ने गुस्सा कंपनी चेताया गया कि अगर ऐसा ही चलता रहा कंपनी के खिलाफ बड़ा आंदोलन होगा। रविवार दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चली इस महापंचायत में ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा की। परियोजना से 10 और कामगारों को बाहर निकालने से निकाले गए कामगारों की संख्या 62 हो गई है। महापंचायत की अध्यक्षता ग्राम पंचायत हरनोड़ा के प्रांगण में उप प्रधान जगदीश ठाकुर ने की। महापंचायत में क्षेत्र की तीन पंचायतें हरनोड़ा, धौंन, कोठी और ध्वाल के ग्रामीणों ने भाग लिया।
16 सालों से समझौते के नाम पर ठगे जा रहे : छोटा राम
इसमें हरनोड़ा के प्रधान रामी देवी, उपप्रधान जगदीश ठाकुर, पूर्व में प्रधान रह चुके रमेश कौंडल, धौंन कोठी पंचायत के उप प्रधान शंकर राम, पूर्व बीडीसी वाइस चेयरमैन राज कुमार चौधरी, ग्राम सुधार कमेटी के प्रधान रामजी दास ठाकुर, औसती कमेटी के उप प्रधान छोटा राम ठाकुर, कोलडैम वर्कर यूनियन प्रधान अनूप कुमार, यूनियन के कानूनी सलाहकार सुमन ठाकुर आदि लोगों ने सभा में अपनी बात रखी। छोटा राम ठाकुर ने कहा कि एनटीपीसी वर्ष 2000 से विस्थापितों के साथ समझौते कर रही है और खुद ही उन समझौतों की अवहेलना भी कर रही है।
उन्होंने कहा कि जहां तक लोगों की समस्याओं की बात थी अब तक तो विस्थापित एनटीपीसी की कूटनीति को सहन कर रहे थे। मगर एनटीपीसी अब विस्थापित और प्रभावित कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। महापंचायत में फैसला लिया गया कि सोमवार को विस्थपित उपायुक्त बिलासपुर को पूरे मामले से अवगत करवाएंगे। इसके बाद विधायक को मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। विस्थापित कंपनी की कारगुजारी के बारे में पीएमओ को भी लिखित रूप में शिकायत करेंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार के समक्ष भी पूरे मामले को रखा जाएगा।
सभी विस्थापित लड़ेंगे हकों की लड़ाई : जगदीश ठाकुर
हरनोड़ा पंचायत की प्रधान उपप्रधान ने संयुक्त रूप में कहा कि एनटीपीसी विस्थापितों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। मगर यह होने नहीं दिया जाएगा। जगदीश ठाकुर ने कहा कि एनटीपीसी यह भूल जाए कि वो जनता पर अपने तानाशाही रवैये से मनमाना व्यवहार करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि समझौते करने का समय बीत गया है और अब विस्थापित एनटीपीसी द्वारा किए गए समझौतों को लागू करवाने का है और उन्हें लागू करवाने के लिए विस्थापित एकजुट हो चुके हैं। जगदीश ठाकुर ने कहा कि एनटीपीसी यह बात याद रखे की जनता खामोश है लेकिन यह खामोशी आने वाले तूफान से पहले की है। राजकुमार चौधरी ने कहा कि विस्थापित और प्रभावित कर्मचारी शांतिपूर्वक तरीके से अपने काम पर जाएंगे और अगर एनटीपीसी ने यही रवैया रखा तो समस्त विस्थापित और प्रभावित कर्मचारियों की लड़ाई लड़ेंगे।
नियमों की धज्जियां उड़ा रही है कंपनी : सुमन
कोल डैम वर्कर यूनियन के कानूनी सलाहकार सुमन ठाकुर ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी 15 जुलाई के समझौते को निराधार साबित करने के लिए ठेकेदारों के माध्यम से मजदूरों पर दबाव बना रही है कि वो माफीनामे पर हस्ताक्षर कर वापस काम पर आएं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी श्रम रोजगार नियम की तो धज्जियां उड़ा ही रही थी लेकिन अब प्रशासन और पंचायत की मध्यस्थता में हुए समझौतों को ताक पर रखकर अपने तानाशाही रवैये का उदाहरण दे रहा है। लोगों ने सदर विधायक से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।