मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के प्रसाद के प्रयोग की भी नहीं अनुमति
मेले में सुरक्षा, व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने जारी किए कड़े आदेश
कोट कहलूर क्षेत्र में आमजन साथ में नहीं रखेगा अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, हथियार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अश्विन नवरात्र मेले के दौरान श्री नयना देवी जी मंदिर परिसर में 22 सितंबर से 2 अक्तूबर तक श्रद्धालुओं की अधिक संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी बिलासपुर राहुल कुमार ने कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। ये आदेश श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुव्यवस्था, सुविधा को ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, मेले के दौरान मंदिर परिसर में लाऊडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी प्रकार का सार्वजनिक संदेश अथवा उद्घोषणा आवश्यक हो, तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रसारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के प्रसाद के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला दंडाधिकारी ने पुलिस थाना कोट कहलूर क्षेत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि 22 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 तक किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र, गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार, तेजधार हथियार आदि उठाकर चलना पूर्ण रूप से निषिद्ध होगा। यह आदेश आम नागरिकों पर लागू होगा, जबकि पुलिस बल को इसकी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के लिए छूट दी गई है। उपायुक्त ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेला अवधि में टोबा से श्री नयना देवी जी मंदिर तक के सड़क मार्ग पर केवल बसों और छोटे यात्री वाहनों (टैक्सियों) की आवाजाही की अनुमति होगी। इस दौरान ट्रक, केंटर, ट्रैक्टर, टैंपू और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई भारी वाहन यात्रियों से लदा पाया जाता है, तो उन्हें गड़ामोड़ा और ग्वालथाई (भाखड़ा) से आगे मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालु केवल बसों और टैक्सियों के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें। प्रशासन ने कहा कि सभी आदेश सार्वजनिक सुरक्षा, सुव्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। उक्त आदेश 22 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 तक प्रभावी रहेंगे।