दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों की नब्ज टटोलने वाला कोई नहीं
रामपुर ब्लॉक में 41 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई
17 चिकित्सक और आठ फार्मासिस्ट के पद चल रिक्त
मरहम पट्टी के लिए भी ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर की लगानी पड़ रही दौड़
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। रामपुर खंड के कई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ का टोटा है। हजारों मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। स्टाफ की कमी की मार हजारों मरीजों पर पड़ रही है। आलम यह है कि कई आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटके हुए हैं, तो कई संस्थान चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के हवाले हैं। ऐसे में सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि रामपुर खंड में सरकार ने 41 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र तो खोले हैं, लेकिन कई संस्थानों में सरकार स्टाफ की तैनाती करना भूल गई है। कई स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक और फार्मासिस्ट के पद सालों से रिक्त हैं। कई इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटके हैं। 17 चिकित्सक और आठ फार्मासिस्ट के पद रिक्त हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर का सफर तय करना पड़ रहा है। क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र कुंगलबाल्टी और खमाड़ी में सालों से ताला लटका है। कई केंद्र बिना चिकित्सक और फार्मासिस्ट के चल रहे हैं। कई स्वास्थ्य केंद्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के हवाले हैं। स्टाफ न होने से मरीजों को कई किलोमीटर दूर रामपुर, खनेरी और शिमला का रुख करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानियां गरीब तबके के लोगों को झेलनी पड़ रही है।
मुनिश पंचायत प्रधान भजन दास, वार्ड सदस्य गीता, सत्या, जवाहर लाल, विजय और मान कुमारी ने विभाग की लचर कार्यशैली के खिलाफ रोष जताया है। उन्होंने कहा कि घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यदि शीघ्र रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
उपमंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी रामपुर डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि समय-समय पर रिक्त पदों का मामला सरकार और उच्च अधिकारियों के ध्यान में उठाया जा रहा है।
नजदीकी केंद्रों में एडजस्टमेंट कर रहा स्टाफ
सूत्रों के अनुसार अधिकांश चिकित्सक और फार्मासिस्ट सहित ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जाने के बजाय नजदीक के केंद्रों में अपनी एडजस्टमेंट कर रहे हैं। इसका खामियाजा स्थानीय जनता भुगत रही है। ऐसा ही ताजा मामला मुनिश के स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की नियुक्ति हुई थी। जिसने दूसरे केंद्र में ज्वाइन कर दिया। लोगों में भारी रोष है।