निहान में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान की लीलाओं का किया विस्तार से वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं उपमंडल के श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक जीवानंद शैल ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण के प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का स्रोत है। भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति के भीतर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भाव जागृत होता है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान के नाम का स्मरण और भागवत कथा का श्रवण मन को शांति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति से बड़े से बड़ा संकट भी दूर हो सकता है और मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य का ज्ञान प्राप्त होता है। कथा के दौरान जीवानंद शैल ने भगवान की विभिन्न लीलाओं, संतों के जीवन प्रसंगों तथा धर्म और कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला।