बिलासपुर के टटोह स्कूल में सुभाष चंद्र बोस जयंती पर श्रद्धांजलि देते अध्यापक और विद्यार्थी। संव
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बिलासपुर। शिव शक्ति युवक मंडल कवाली टटोह ने सोमवार को राजकीय प्राथमिक पाठशाला टटोह में विद्यार्थियों के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सुभाष चंद्र बोस की जीवनी और उनके नारों को यादकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
युवक मंडल के प्रधान अभिषेक ठाकुर ने बताया कि नेता सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्त्रस्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में पिता जानकीनाथ बोस और मां प्रभाती बोस के घर हुआ। इनके पिता मशहूर वकील थे। अंग्रेज सरकार ने उन्हें रायबहादुर का खिताब दिया था।
सुभाष चंद्र बोस बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। उनके मन में बचपन से ही देश के प्रति बहुत प्रेम था और वह देश की आजादी के लिए चिंतित थे। इसके लिए उन्होंने 1921 में इंडियन सिविल सर्विसेज की नौकरी भी ठुकरा दी ताकि भारत को अंग्रेजी शासन से मुक्त करवाया जा सके। उन्होंने - तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा और जय हिंद- के नारे देकर आजादी के संघर्ष के लिए देशवासियों और युवाओं में नई ऊर्जा का संचार कर के आजादी की लड़ाई को गति देने में महानायक सुभाष चंद्र का अतुलनीय योगदान रहा है। इस अवसर पर स्कूल की मुख्य अध्यापिका ममता शर्मा, अध्यापक विकास माल्या और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। समापन पर बच्चों को फल बांटे गए।