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Bilaspur News: मसौर मोड़ पर तेंदुए का हमला, बाल-बाल बचा बाइक सवार

Fri, 20 Feb 2026 11:33 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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घुमारवीं के मसौर में देखा गया तेंदुआ। स्रोत: जागरूक पाठक
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घुमारवीं उपमंडल में दहशत, ग्रामीणों ने वन विभाग से की ठोस कार्रवाई की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी

भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल में एक बार फिर तेंदुए की दहशत ने लोगों की नींद उड़ा दी है। कुठेड़ा सड़क पर मसोर मोड़ के पास गुरुवार रात करीब आठ बजे तेंदुए ने बाइक सवार पर झपट्टा मार दिया। गनीमत रही कि बाइक सवार ने सूझबूझ दिखाते हुए रफ्तार बढ़ा दी और बड़ा हादसा टल गया।
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मसोर गांव निवासी पूर्व सैनिक एवं पूर्व वार्ड सदस्य मस्त राम रोजाना की तरह कुठेड़ा स्थित अपनी दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह मसोर मोड़ के पास पहुंचे, सड़क किनारे अंधेरे में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उनकी ओर हमला कर दिया। मस्त राम ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाते हुए बाइक की गति तेज कर दी। तेंदुआ कुछ दूरी तक बाइक के पीछे भी आया। उन्होंने बताया कि तेंदुआ काफी बड़ा था और स्पष्ट रूप से शिकार की तलाश में बैठा था। कुछ सेकंड की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी। उधर, स्थानीय निवासी आशीष, आदर्श, विनय और साहिल ने बताया कि उन्होंने भी उसी स्थान पर सड़क किनारे तेंदुए को बैठा देखा। उनका कहना है कि यदि उस समय कोई पैदल राहगीर या दोपहिया चालक गुजरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। राहगीरों ने तेंदुए की मौजूदगी को मोबाइल में कैद भी किया है। पिछले कुछ माह से घुमारवीं क्षेत्र के विभिन्न गांवों में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ी हैं। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं, वहीं पशुपालकों में भी मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका कहना है कि केवल औपचारिक गश्त या चेतावनी से काम नहीं चलेगा। जब तेंदुआ रिहायशी इलाकों और व्यस्त सड़कों तक पहुंच चुका है, तो किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि मसोर मोड़ और आसपास के क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, पिंजरे लगाए जाएं तथा तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए।
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