जिला बिलासपुर के पटेर पंचायत के गांव लढेर में तेंदुओं की दहशत से लोग खौफजदा हैं। आलम यह है कि एक साथ तीन तेंदुओं ने बुधवार रात लढेर गांव में एक कुत्ते पर हमला कर दिया। आंगन में हुई इस लड़ाई में घर का सामान भी टूट गया। तेंदुओं की मौजूदगी से गांव के लोग खौफ में है।
जानकारी के मुताबिक घुमारवीं उपमंडल की पंचायत पटेर के गांव लढेर में बुधवार रात करीब निक्की देवी के पालतू कुत्ते पर तीन तेंदुए झपट पड़े। निक्की देवी ने बताया कि उनके घर के आंगन में तेंदुओं ने उनके कुत्ते पर हमला कर दिया। इस हमले में आंगन में रखा बैड, दरवाजा और अन्य सामान टूट गया।
बताया जा रहा है कि आवाजें सुनकर कमरे के भीतर उनका बेटा कमलेश (40) नींद से जागा। उसने दरवाजा खोलकर बाहर झांका तो आंगन में तीन तेंदुए उनके पालतू कुत्ते के साथ गुत्थमगुत्था हो रहे थे।
लड़ाई देखकर कमलेश जोर से चिल्लाया और डर से बेहोश होकर गिर पड़ा। कौतूहल सुनकर पड़ोस के विकास भारद्वाज और अन्य लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। जिससे तीनों तेंदुए वहां से भाग गए।
लोगों ने बेहोश कमलेश को पानी पिलाकर होश में लाया। लेकिन, तब तक तेंदुओं ने कुत्ते को मार दिया था। निक्की देवी ने बताया कि इन तेंदुओं की लड़ाई में दरवाजे की कुंडी और आंगन ने रखा बैड भी टूट गया। इससे हजारों का नुकसान हुआ है। निक्की देवी का परिवार बीपीएल में आता है। घटना से गांव के लोग सहमे हुए हैं।
गांव के विकास भारद्वाज ने बताया कि गांव में तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें सुनाई देती है । पटेर पंचायत के प्रधान बिशन दास ने बताया कि बुधवार रात को निक्की देवी के आंगन में तीन तेंदुओं की लड़ाई में उनके घर का दरवाजा और बैड भी टूट गया है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि तेंदुए के आतंक से शीघ्र निजात दिलाई जाए।