नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर 2 इंदिरा वार्ड में देर रात हुआ भूस्खलन। संवाद
शुक्रवार देर रात हुई घटना, जोरदार धमाके के बाद बाहर निकला परिवार
धमाके के बाद आंगन का करीब 10 फीट हिस्सा धंस गया
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड नंबर 2 इंदिरा वार्ड में देर रात भूस्खलन से एक मकान के आंगन का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे पूरे मकान में गंभीर दरारें पड़ गईं। घटना रात करीब 1:30 बजे हुई, जब जोरदार धमाके जैसी आवाज से मकान में रह रहे परिवार और किरायेदार सहम उठे और तुरंत बाहर निकल आए।
मकान मालिक ने बताया कि इस हादसे के कारण 26 कमरों वाला पूरा भवन अब खतरे की जद में है। उन्होंने बताया कि भारी बरसात के दौरान बस स्टैंड से सीर खड्ड पुल तक बन रहे एग्जिट रोड निर्माण कार्य के दौरान उनके मकान के सामने स्थित खाली प्लॉट में मिट्टी गिरनी शुरू हो गई थी। बरसात के बाद मकान की सुरक्षा के लिए उन्होंने रिटेनिंग वॉल बनाने का निर्णय लिया और खाली जमीन में कटान का काम शुरू किया। लेकिन जैसे ही कटान मकान के आंगन तक पहुंचा, भूमि के हिस्सेदार ने कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले लिया, जिसके कारण निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया। रात को अचानक हुए तेज धमाके के बाद आंगन का करीब 10 फीट हिस्सा धंस गया और घर की दीवारों में दरारें बढ़ गई। मकान के आंगन का तीन से चार इंच तक नीचे खिसका हिस्सा देखकर परिवार दहशत में आ गया। मकान के भीतर बने 20,000 लीटर पानी की स्टोरेज कैपेसिटी वाले टैंक में भी रिसाव शुरू हो गया, जिसे सुबह होते ही खाली करवाया गया। मकान मालिक ने बताया कि धमाके जैसी आवाज के तुरंत बाद उन्होंने सभी किरायेदारों को बाहर निकाला और रातों-रात सभी ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। फिलहाल मकान मालिक और उनका परिवार अपने भाई के घर में शरण लिए हुए हैं।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते आवाज न सुनाई देती और सभी बाहर न निकलते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मकान मालिक का अनुमान है कि यदि भवन पूरी तरह ढह जाता है, तो उन्हें लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता था। मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण न तो डंगा बनाया जा सकता है और न ही मकान को बचाने के लिए कोई अन्य निर्माण कार्य संभव हो पा रहा है। मकान मालिक और परिवार ने प्रशासन से तत्काल उचित हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि बड़ा हादसा टाला जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।