संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश (बिलासपुर)। झंडूता विकासखंड की पंचायत डमली के छत गांव में किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन से फोरलेन की एक दीवार ढह गई।
दीवार ढहने से ऋषिकेश से ज्योरिपतन और झंडूता के लिए यातायात बाधित हो गया। छत प्राथमिक पाठशाला और एक घर भी इसकी जद में है। भूस्खलन से फोरलेन निर्माण करने वाली कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत डमली के छत में बुधवार रात हुए भूस्खलन से फोरलेन की दीवार ढह गई। इससे ऋषिकेश से ज्योरिपतन और झंडूता जाने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। इस रूट के बंद होने से क्षेत्र की करीब सात पंचायतें यातायात सुविधा से कट गई हैं।
भूस्खलन से से एक मकान और स्कूल पर भी खतरा बना हुआ है। यशपाल पुत्र गंगाराम का मकान जमीन में धंस गया। जबकि, स्कूल से 7 मीटर दूर तक जमीन में दरारें आ गई है। इस स्कूल में बच्चों की संख्या करीब 40 है।
बताया जा रहा है कि इस जगह पर पहले भी करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बनाई दीवार ढह गई थी। निर्माण कंपनी ने लाखों की लागत से फिर से दीवार खड़ी की थी। इस बीच, स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल ने वीरवार को अधिकारियों सहित छत गांव का दौरा किया।
विधायक ने प्रशासन को यशपाल के मकान का शीघ्र प्राक्कलन तैयार करने के आदेश दिए। साथ ही बाधित सड़क को बहाल करने के लिए गाबर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि भूस्खलन पीड़ित यशपाल को राहत के तौर पर 95,100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रशासन स्तर पर दी जाएगी।
सड़क बहाल होने में लगेंगे कई दिन
भूस्खलन से प्रभावित ऋषिकेश से ज्योरिपतन और झंडूता जाने वाले मार्ग को बहाल होने में कई दिन लग सकते हैं। इस सड़क की हालत बेहद खस्ता है। सड़क को बहाल करने में छह से सात दिन का समय लग जाने का अनुमान है। तब तक लोगों को बिलासपुर आने के लिए गोबिंदसागर झील से मोटर बोट में जाना पड़ेगा या गाड़ी में 40 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ेगा।