कोटधार समेत 20 ग्राम पंचायतों की करीब 72 हजार आबादी को मिलेगा इस योजना का लाभ
- जल शक्ति विभाग ने कनेक्शन के लिए विद्युत बोर्ड को दिया 6.31 करोड़
-योजना शुरू होने के बाद क्षेत्र को छह दशक तक नहीं होगी पानी की किल्लत
सुभाष कपिल
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के कोटधार क्षेत्र की 60 करोड़ की गोबिंद सागर झील पर आधारित उठाऊ पेयजल योजना कुट बांगुड़ के लिए नवंबर में बिजली की सप्लाई मिलते ही जल शक्ति विभाग योजना का प्रथम ट्रायल शुरू कर देगा। जब तक बिजली की सप्लाई नहीं मिलती है तब तक इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पाएगा।
जल शक्ति विभाग ने बिजली की सप्लाई के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करके विद्युत बोर्ड को 6 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि दे दी है। वहीं विद्युत बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार 33 केवी सब स्टेशन का कार्य अंतिम चरण में है। नवंबर माह के पहले सप्ताह में बिजली सप्लाई का कार्य पूरा हो जाएगा। 2020 में गोबिंद सागर झील की कुट बागुड़ उठाऊ पेयजल योजना का कार्य शुरू हुआ था। करीब तीन साल के अंतराल में यह योजना पटरी पर आई है। नाबार्ड से 37 करोड़, जबकि जल जीवन मिशन के तहत 23 करोड़ से बनने वाली गोबिंद सागर झील का पानी झंडूता विधानसभा क्षेत्र के कोटधार सहित 20 ग्राम पंचायतों के करीब 72 हजार लोगों की प्यास बुझाने में कारगर साबित होगा। योजना का आकार ऐसा है कि करीब छह दशक तक लोगों को पानी की किल्लत नहीं होगी। इससे पहले लोगों को पानी की भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही थी। कई ऐसे गांव हैं जो गोबिंद सागर झील से सटे हुए हैं, लेकिन पानी की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लोग प्यासे रह जाते थे। योजना के तहत आधा दर्जन बड़े, जबकि ढाई दर्जन छोटे पानी के टैंकों का निर्माण किया गया है। इसमें पुरानी पेयजल योजनाओं और पाइप लाइनों के अपग्रेडेशन का कार्य भी किया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग डिवीजन झंडूता के मंडलीय अधिशासी अभियंता राकेश कुमार वैद्य ने कहा कि योजना का कार्य पूरा है। बिजली का कनेक्शन मिलने के बाद विभाग योजना के प्रथम चरण का ट्रायल शुरू करेगा। विद्युत बोर्ड डिवीजन घुमारवीं के मंडलीय अधिशासी अभियंता कर्ण चंदेल के अनुसार विभाग योजना के नजदीक 33 केवी सब स्टेशन का कार्य युद्ध स्तर पर कर रहा है। कार्य अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। नवंबर के पहले सप्ताह में बिजली का कार्य पूरा हो जाएगा।
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