कुन्नू गांव में हुई ब्लास्टिंग से गिरे पत्थर।
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बरमाणा। एसीसी खनन क्षेत्र में सोमवार को भारी ब्लास्टिंग होने से पास लगते गांव कुनणु के ग्रामीणों में दशहत का माहोल पैदा हो गया। ग्रामीणों के अनुसार ब्लास्ट इतना भारी था कि उसके कारण पूरा गांव दहल गया और एक घर में दरारें आ गई। वहीं दो दिन पहले हुई ब्लास्टिंग के दौरान उक्त गांव की सीमा पर बड़े-बड़े पत्थर खनन क्षेत्र से गिरे थे। अगर बीच में रास्ता न होता तो पत्थर सीधे लोगों के घरों पर गिरते और बड़ा हादसा हो सकता था।
उल्लेखनीय है कि एसीसी खनन क्षेत्र के बिल्कुल साथ ही ग्राम पंचायत पंजगाईं का कुनणु गांव लगता है। वहीं करीब 50 से लेकर 150 मीटर दूरी पर ही सीमेंट कंपनी का खनन क्षेत्र है। बीडीसी सदस्य भुवनेश गौतम, वार्ड सदस्य सुनील गौतम, एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, आशीष गौतम, पुरषोत्तम गौतम, बाबू राम गौतम, शिव गौतम सहित अन्यों ने बताया कि सोमवार करीब ढाई बजे एसीसी के खनन क्षेत्र में इतनी भारी ब्लास्टिंग हुई कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। वहीं इस ब्लास्टिंग से आशीष गौतम के घर में दरारें पड़ गई है। बताया कि इससे दो दिन पहले भी खनन क्षेत्र से बड़े-बड़े पत्थर गांव की सीमा पर आकर गिरे थे। अगर बीच में ग्रामीणों द्वारा निकाली गई सड़क नहीं होती तो यह पत्थर सीधे लोगों के घरों पर आकर गिरते और बड़े हादसे को अंजाम देते। इसको लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त बिलासपुर को भी ज्ञापन सौंपा है।
बताते चलें कि खनन क्षेत्र के आसपास के लोग कई वर्षों से भारी ब्लास्टिंग के साए में जिंदगी जी रहे हैं। हालात यह है कि ब्लास्टिंग से गांव के कई घरों में दरारें आ चुकी है। लोगों ने कई बार भूमि अधिग्रहण को लेकर शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लेकिन न ही इन लोगों की समस्याओं का कोई समाधान हुआ और न ही खनन क्षेत्र के साथ लगते गांव का भूमि अधिग्रहण हुआ।
एसीसी के खनन अधिकारी पंकज नैन ने बताया कि कंपनी द्वारा तस मानकों पर ही ब्लास्टिंग की जा रही है। कंपनी द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। जिससे कि क्षेत्र में डर को माहोल पैदा हो।