मेला समिति की बैठक में सदस्यों ने सरकार से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। कोटधार नलवाड़ मेले को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने की मांग को लेकर कोटधार नलवाड़ मेला समिति की महत्वपूर्ण बैठक प्राचीन शिव मंदिर लग दयो के प्रांगण में समिति प्रधान कैप्टन ज्ञानचंद धीमान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रदेश सरकार से कोटधार नलवाड़ मेले को राज्य स्तरीय दर्जा देने की मांग उठाई गई।
समिति के संस्थापक एवं महासचिव अमरनाथ धीमान ने बताया कि कोटधार की हिमाचल प्रदेश में अपनी ऐतिहासिक पहचान है। क्षेत्र अपनी अलग सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए हुए है। कोटधार क्षेत्र में 14 पंचायतें आती हैं, जो पिछड़े क्षेत्र के अंतर्गत हैं। यहां के लोगों का जीवन लंबे समय से संघर्षपूर्ण रहा है। यह क्षेत्र झंडूता विधानसभा क्षेत्र की पहचान और शान है। इसके अलावा आसपास की कई पंचायतें भी कोटधार से जुड़ी हैं। क्षेत्र की सीमाएं हमीरपुर, ऊना और सोलन जिलों से भी जुड़ती हैं। गांव लग में स्थित स्वयंभू प्रकट प्राचीन शिव मंदिर लग दयो कोटधार क्षेत्र के मध्य में स्थित है। यह मंदिर पूरे झंडूता विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ बाहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में वर्ष 2023 से कोटधार नलवाड़ मेले का विधिवत आयोजन शुरू किया गया। तीन दिवसीय यह मेला हर वर्ष 28 से 30 मार्च तक आयोजित होता है और अब इसका स्वरूप लगातार व्यापक हो रहा है। समिति ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को देखते हुए कोटधार नलवाड़ मेले को राज्य स्तरीय दर्जा दिया जाना चाहिए। इससे कोटधार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलेगी। समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मेले को राज्य स्तरीय दर्जा देने की मांग प्रमुखता से रखेगा। बैठक में सुनील शर्मा, कैप्टन संजय कुमार, रामलाल धीमान, सुनील चंदेल, सुशील शर्मा, नरेश शर्मा, सोम प्रकाश संख्यान, राम किशन धीमान सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।