डीसी बिलासपुर ने भू-अर्जन अधिकारी को भेजा तीसरा स्मरण पत्र
निजी लाभ के लिए भूमि योजना में हेराफेरी के लगे हैं आरोप
फोरलेन विस्थापित समिति ने उपायुक्त से उठाई जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लेआउट प्लान में कथित रूप से निजी लाभ के लिए किए गए बदलाव के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस पर उपायुक्त बिलासपुर ने भू-अर्जन अधिकारी एवं विशेष भू-अधिग्रहण अधिकारी को तीसरा स्मरण पत्र जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी इस स्मरण पत्र यह उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बिलासपुर की ओर से कीरतपुर–नेरचौक सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के लेआउट प्लान में निजी हित साधने और किसी व्यक्ति को गैरकानूनी लाभ पहुंचाने की शिकायत मिली है। उपायुक्त ने कहा है कि इस विषय पर पूर्व में भी 16 अक्तूबर 2025 को स्मरण पत्र जारी किया गया था, मगर अब तक भू-अर्जन अधिकारी की ओर से कोई अनुपालना रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इस बीच फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से 1 नवंबर 2025 को स्मरण पत्र संख्या–3 प्रस्तुत किया गया है। इस पत्र में कहा है कि फोरलेन परियोजना के अधीन कुछ भू-खंडों में निजी लाभ के लिए मनमर्जी से बदलाव किए गए हैं, जिससे कुछ प्रभावित परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। जिला राजस्व अधिकारी बिलासपुर ने इस स्मरण पत्र को सत्यापित करते हुए अपने कार्यालय से पृष्ठांकन संख्या 50497-498, दिनांक 7 नवंबर के माध्यम से इसकी पुष्टि की है और संबंधित रिपोर्ट भू-अर्जन अधिकारी को भेज दी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में बार-बार पत्राचार के बावजूद भी रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने को गंभीरता से लिया जा रहा है।
उपायुक्त ने भू-अर्जन अधिकारी को आदेश दिए हैं कि तत्काल तथ्यों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें और इस संबंध में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को भी सूचित करें। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि अब भी इस मामले की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सकती है। फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा का कहना है कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और परियोजना के कुछ हिस्सों में लेआउट प्लान बदलकर प्रभावितों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।