फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: ई-कचरा प्रबंधन पर प्रश्नोत्तरी में कल्पना चावला टीम रही अव्वल

विज्ञापन
मुंडखर पाठशाला में ई-कचरा प्रबंधन पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता  के दौरान मौजूद बच्चे। स्रोत स्कू
विज्ञापन
मुंडखर स्कूल में मयूर ईको क्लब ने आयोजित की प्रतियोगिता
विज्ञापन

विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मुंडखर में मयूर ईको क्लब की ओर से ई-कचरा प्रबंधन अभियान के तहत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेकर इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को ई-कचरे से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रतियोगिता में छह टीमों ने भाग लिया। रोचक मुकाबले में कल्पना चावला टीम ने पहला स्थान हासिल किया। टीम में आठवीं कक्षा की पायल, नौवीं कक्षा के आर्यन ठाकुर और दसवीं कक्षा के एक विद्यार्थी शामिल रहे। सीवी रमन टीम दूसरे स्थान पर रही। इसमें आठवीं कक्षा की कृतिका ठाकुर, नौवीं कक्षा के कृष और दसवीं कक्षा के कार्तिक ने भाग लिया। वहीं, एपीजे अब्दुल कलाम टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस टीम में आठवीं कक्षा के सा ठाकुर, नौवीं कक्षा के अभिनव और दसवीं कक्षा की दिव्या पटियाल शामिल रहे।
विज्ञापन

प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों को खराब मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुले में फेंकने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। ई-कचरा अभियान की प्रभारी एवं टीजीटी मेडिकल सोनिका ने कहा कि डिजिटल उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल ई-कचरे की समस्या को गंभीर बना रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखना और उसका निपटान अधिकृत संग्रह केंद्रों के माध्यम से करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता रमेश चंद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विद्यालयों में आयोजित ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ई-कचरे के उचित प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
विज्ञापन

प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान और पुनः उपयोग का महत्व समझाया गया। विद्यालय का मयूर इको क्लब ऐसी गतिविधियों के जरिये विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें